पश्चिम एशिया में ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव ने दुनियाभर की चिंता बढ़ा दी है। विशेष रूप से उन भारतीय परिवारों में डर का माहौल है जिनके परिजन रोजी-रोटी के लिए खाड़ी (Gulf) देशों में रह रहे हैं। उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले के सीखड़ ब्लॉक से भी बड़ी संख्या में लोग सऊदी अरब और अन्य पड़ोसी देशों में कार्यरत हैं। हालांकि, वहां रह रहे भारतीयों ने अपने परिजनों को ढांढस बंधाया है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है।
दूरी बनी हुई है राहत का कारण
सीखड़ निवासी शमीम अहमद के पांच भाई फहीम, नदीम, नसीम, वसीम और अमीन सऊदी अरब में रहते हैं। इनमें से दो भाई हाल ही में वहां गए हैं। शमीम ने बताया कि उनकी भाइयों से नियमित बातचीत हो रही है। भाइयों के अनुसार, जिस इलाके में बमबारी या तनाव की खबरें आ रही हैं, वह उनके कार्यक्षेत्र से लगभग 400 से 500 किलोमीटर दूर है। शमीम अहमद का कहना है कि भाइयों ने बताया कि वे रोज की तरह अपनी ड्यूटी पर जा रहे हैं। वहां का जनजीवन सामान्य है और फिलहाल घबराने जैसी कोई बात नहीं है।
क्या कह रहे हैं सऊदी में रह रहे भारतीय?
सऊदी अरब से नदीम ने फोन पर बातचीत में स्पष्ट किया कि वहां का माहौल अभी शांतिपूर्ण है। उन्होंने बताया कि युद्ध का सीधा असर उनके शहर पर नहीं पड़ा है। हमले की जगह उनके स्थान से काफी दूर (करीब 500-600 किमी) है। अभी तक स्थानीय सरकार या कंपनी की ओर से काम रोकने या बंकर में जाने जैसी कोई Advisory (सलाह) जारी नहीं की गई है। हालांकि प्रशासन ने एहतियात बरतने को कहा है, लेकिन स्थिति पूरी तरह सामान्य है। प्रवासी भारतीय लगातार भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के अपडेट्स पर नजर बनाए हुए हैं ताकि स्थिति गंभीर होने पर जरूरी कदम उठाए जा सकें।
परिजनों की बढ़ी चिंता
भले ही खाड़ी देशों में स्थिति अभी सामान्य बताई जा रही है, लेकिन मिर्जापुर में रह रहे उनके परिवार समाचारों में युद्ध की खबरें देखकर चिंतित हैं। परिजनों का कहना है कि जब तक फोन पर बात नहीं हो जाती, मन घबराया रहता है। फिलहाल, राहत की बात यही है कि सऊदी अरब जैसे देशों में भारतीय नागरिक सुरक्षित हैं और कामकाज सुचारू रूप से चल रहा है।
