उत्तर प्रदेश में इस साल गर्मी ने समय से पहले ही अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। मार्च के तीसरे सप्ताह में ही प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान सामान्य से काफी ऊपर चला गया है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के कमजोर पड़ने की वजह से राज्य में गर्म और शुष्क हवाओं का दौर जारी है।
प्रमुख शहरों का हाल: तपने लगा है उत्तर प्रदेश
आमतौर पर ऐसी भीषण गर्मी अप्रैल के अंत या मई में देखने को मिलती है लेकिन इस बार असामान्य मौसमी बदलाव के कारण अभी से ही तापमान 38°C से 40°C के बीच झूल रहा है।
- लखनऊ: राजधानी में अधिकतम तापमान 36-37 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।
- प्रयागराज और वाराणसी: पूर्वांचल के इन प्रमुख शहरों में पारा 37-38 डिग्री तक पहुंच गया है।
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- वेस्ट यूपी (नोएडा/गाजियाबाद/मेरठ): दिल्ली से सटे इन इलाकों में भी दिन का तापमान 38 डिग्री सेल्सियस के करीब बना हुआ है।
- कानपुर और आगरा: यहां भी न्यूनतम तापमान 20 डिग्री से ऊपर और अधिकतम 37 डिग्री के पार जा रहा है।
क्या बारिश से मिलेगी राहत?
मौसम विभाग के मुताबिक आज (बुधवार) प्रदेश के किसी भी हिस्से में बारिश की संभावना नहीं है। हालांकि राहत की एक खबर यह है कि 19 मार्च से 21 मार्च के बीच मौसम का मिजाज थोड़ा बदल सकता है।
- हल्की बारिश: वेस्ट यूपी के कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी हो सकती है।
- धूल भरी आंधी: दोपहर के बाद कई जिलों में तेज आंधी चलने की संभावना जताई गई है जिससे तापमान में मामूली गिरावट आ सकती है।
- 22 मार्च के बाद: यह राहत अस्थायी होगी। 22 मार्च के बाद से प्रदेश में एक बार फिर गर्मी का प्रकोप बढ़ेगा। राहत की बात यह है कि फिलहाल प्री-मानसून की कोई संभावना नहीं दिख रही है।
विशेषज्ञों की राय
मौसम विभाग का कहना है कि सुबह और शाम के समय अभी भी हल्की ठंडक महसूस की जा सकती है लेकिन दोपहर की धूप काफी तीखी और नुकसानदेह हो सकती है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे पर्याप्त पानी पिएं और अचानक बढ़ते तापमान के प्रति सावधान रहें।
