संगम नगरी में एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है जिसने मेडिकल एथिक्स और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां फाफामऊ थाना क्षेत्र में एक 15 वर्षीय नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर उसका ओवा एक्सट्रैक्शन (अंडाणु निकलवाना) कराने का मामला प्रकाश में आया है। पुलिस ने इस गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए 4 महिलाओं समेत 5 लोगों को हिरासत में लिया है।

पैसों का लालच और फर्जीवाड़ा

पुलिस जांच के अनुसार नाबालिग लड़की वेट्रेस का काम करती थी। मुख्य आरोपी पलक हेला और उसकी मां रिंकी ने लड़की को पैसों का लालच दिया और उसे ‘अंडाणु डोनर’ बनने के लिए तैयार किया। साजिश को अंजाम देने के लिए नाबालिग को बालिग और विवाहित दिखाया गया। इसके लिए हिमांशु भारतीया नाम के आरोपी ने लड़की का फर्जी आधार कार्ड तैयार किया। फर्जी कागजात और शपथ पत्र के सहारे 20 जनवरी 2026 को एक प्रतिष्ठित आईवीएफ सेंटर में लड़की का ओवा एक्सट्रैक्शन कराया गया।

कैसे खुला राज?

मामला तब सामने आया जब पीड़िता की मां, अनीता गौतम ने पुलिस में तहरीर दी। जांच में पता चला कि लड़की को पहले अगवा किया गया और फिर डरा-धमका कर इस अवैध प्रक्रिया का हिस्सा बनाया गया। पुलिस ने जब कड़ियां जोड़ीं तो इसमें अस्पताल की रजिस्टर्ड एजेंट कल्पना भारतीया और सीमा भारतीया की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई।

पुलिस की बड़ी कार्रवाई

गंगानगर जोन के डीसीपी कुलदीप सिंह गुनावत के मुताबिक इस मामले में कुल 5 लोगों को हिरासत में लिया गया है:

  1. पलक हेला और रिंकी हेला (मुख्य साजिशकर्ता)
  2. सीमा भारतीया और हिमांशु भारतीया (फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले)
  3. कल्पना भारतीया (आईवीएफ एजेंट)

इन सभी पर अपहरण, धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज बनाने और नाबालिग के साथ अवैध मेडिकल प्रक्रिया करने की धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।

चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) की एंट्री

पीड़िता को फिलहाल ‘वन स्टॉप सेंटर’ में रखा गया है जहां उसने चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के सामने अपना बयान दर्ज कराया है। लड़की ने स्वीकार किया कि उसे पैसों का प्रलोभन देकर ले जाया गया था। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस गिरोह ने पहले भी अन्य लड़कियों को अपना शिकार बनाया है।

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Verified by MonsterInsights