महाकुंभ 2025 के दौरान रेलवे की तैयारियों और योगदान पर केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि महाकुंभ के लिए 13 हजार ट्रेनों की योजना बनाई गई थी, लेकिन 16 हजार से अधिक ट्रेनें चलाई गईं, जिससे यात्रियों को अधिक सुविधाएं मिल सकें।

मीडिया से बातचीत में रेल मंत्री ने कहा कि महाकुंभ सिर्फ आस्था का प्रतीक ही नहीं, बल्कि देश की एकता और सामूहिक प्रयास का उदाहरण भी है। उन्होंने बताया कि रेलवे ने इस आयोजन के दौरान लगभग साढ़े चार से पांच करोड़ यात्रियों को यात्रा में मदद की, जिससे देशभर से श्रद्धालु आसानी से प्रयागराज पहुंच सके।

रेल मंत्री ने बताया कि रेलवे ने महाकुंभ की तैयारियों के लिए ढाई साल पहले से ही काम शुरू कर दिया था। इसके तहत लगभग 5000 करोड़ रुपये का निवेश किया गया। इस दौरान रेलवे ने 21 से ज्यादा फ्लाईओवर और अंडरपास बनाए और गंगा नदी पर एक बड़े पुल का निर्माण कराया, जिससे यातायात सुगम हो सके।

हर स्टेशन पर यात्रियों के लिए सुविधाएं बढ़ाई गईं

महाकुंभ के दौरान रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए हर स्टेशन पर विशेष व्यवस्थाएं कीं। नए फुटओवर ब्रिज बनाए गए, प्लेटफॉर्म पर भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष व्यवस्था की गई और यात्रियों के लिए आरामदायक इंतजार क्षेत्र तैयार किए गए। इन सभी प्रयासों का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुविधाजनक और सुरक्षित यात्रा अनुभव प्रदान करना था।

रेल मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा करते हुए कहा कि पीएम मोदी ने हमेशा यात्रियों को केवल यात्री नहीं, बल्कि श्रद्धालु और भक्त के रूप में देखने की सीख दी है। इसी को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने महाकुंभ के दौरान विशेष सुविधाएं और व्यवस्थाएं की, ताकि श्रद्धालुओं की यात्रा आरामदायक और सुगम हो सके।

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