बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में महाकुंभ 2025 में पहुंचे। उन्होंने कहा कि हमें सदैव इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि भारत की संस्कृति का ‘सनातन’ आदर्श अस्तित्व की एकता है। सारे मतभेद वहीं ख़त्म हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति कहती है कि यदि आप किसी भी मनुष्य को उसके दिव्य रूप में देखेंगे तो पाएंगे कि ‘मानव’ ‘माधव’ का रूप हैं। आप इसे यहां देख सकते हैं। लोग एक-दूसरे को नहीं जानते लेकिन हर कोई यहां आ रहा है। यहां हमारी विरासत, आदर्शों और मूल्यों का जश्न मनाया जा रहा है।

देश-विदेश में महाकुंभ की दिव्यता के बारे में सोशल मीडिया आदि पर देख-सुनकर पाकिस्तान के सनातनी लोग खुद को यहां आने से रोक न सके और सिंध प्रांत से 68 हिंदू श्रद्धालुओं का एक जत्था बृहस्पतिवार को यहां पहुंचा और संगम में डुबकी लगाई। सूचना विभाग द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, पाकिस्तान से आए सभी श्रद्धालुओं ने बृहस्पतिवार को पवित्र संगम में स्नान कर अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। श्रद्धालुओं के साथ आये महंत रामनाथ जी ने बताया कि पहले वे सभी हरिद्वार गये थे जहां उन्होंने अपने लगभग 480 पूर्वजों की अस्थियों का विसर्जन और पूजन किया। इसके बाद उन्होंने महाकुंभ आकर संगम में स्नान किया और अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

इससे पहले दिन में सेक्टर नौ में स्थित श्रीगुरुकार्ष्णि के शिविर में बातचीत में सिंध प्रांत से आए गोबिंद राम माखीजा ने बताया, “पिछले दो तीन महीनों में जब से हमने महाकुंभ के बारे में सुना है, तब से हमारी बड़ी इच्छा यहां आने की थी। हम खुद को आने से रोक नहीं सके।” उन्होंने बताया, “पिछले वर्ष अप्रैल में 250 लोग पाकिस्तान से प्रयागराज आए थे और गंगा में डुबकी लगाई थी। इस बार सिंध के छह जिलों- गोटकी, सक्कर, खैरपुर, शिकारपुर, कर्जकोट और जटाबाल से 68 लोग आए हैं जिनमें करीब 50 लोग पहली बार महाकुंभ में आए हैं।”

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Verified by MonsterInsights