मनोरंजन जगत के लिए शुक्रवार की सुबह एक बेहद बुरी खबर लेकर आई। भारतीय और नेपाली सिनेमा के दिग्गज कलाकार सुनील थापा का 68 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। जानकारी के मुताबिक अभिनेता को तड़के दिल का दौरा पड़ा था जिसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया लेकिन डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।

PunjabKesari

मुंबई की गलियों से शुरू हुआ था सफर

सुनील थापा भले ही नेपाल के सबसे बड़े सितारों में से एक थे लेकिन उनके अभिनय की शुरुआत मायानगरी मुंबई से हुई थी। साल 1981 में उन्होंने कमल हासन की कल्ट क्लासिक फिल्म ‘एक दूजे के लिए’ से अपने करियर का आगाज किया था। इसके बाद उन्होंने आज की आवाज और मानव हत्या जैसी कई हिंदी फिल्मों में अपनी अदाकारी का लोहा मनवाया।

PunjabKesari

प्रियंका चोपड़ा के कोच बनकर हुए मशहूर

हिंदी सिनेमा के आधुनिक दर्शकों के बीच सुनील थापा की सबसे यादगार भूमिका प्रियंका चोपड़ा स्टारर फिल्म ‘मैरी कॉम’ (2014) में थी। इस फिल्म में उन्होंने मैरी कॉम के सख्त लेकिन इमोशनल कोच ‘एम. नरजीत सिंह’ का किरदार निभाया था। इस रोल के लिए उन्हें फिल्मफेयर अवॉर्ड में नॉमिनेशन भी मिला था। उन्होंने ‘बॉर्डर’ और ‘सरकार राज’ जैसी बड़ी फिल्मों में भी काम किया।

PunjabKesari

नेपाली सिनेमा के विलेन जिसने परिभाषा बदल दी

नेपाल में सुनील थापा एक सुपरस्टार थे। साल 1989 में आई फिल्म चीनो में उनके किरदार ‘रेटे कैला’ ने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई। उन्होंने अपने करियर में 300 से ज्यादा नेपाली फिल्मों में काम किया। उन्हें विलेन के किरदारों को एक नई गरिमा देने के लिए जाना जाता था। टीवी की दुनिया में वह ‘मेरी बस्सै’ के ‘शेर सिंह मामा’ के रूप में बेहद लोकप्रिय थे।

PunjabKesari

दो देशों के बीच पुल थे थापा

सुनील थापा का जाना केवल नेपाल ही नहीं बल्कि भारतीय सिनेमा के लिए भी एक बड़ी क्षति है। सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग और दार्जिलिंग के सांसद राजू बिस्टा समेत कई दिग्गज राजनेताओं और फिल्मी सितारों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है। उन्हें एक ऐसे कलाकार के रूप में याद किया जा रहा है जिसने नेपाल और भारत के सांस्कृतिक रिश्तों को सिनेमा के जरिए मजबूती दी।

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Verified by MonsterInsights