दिल्ली की एक अदालत ने गुरुवार को कथित शराब घोटाले में गिरफ्तार आप नेता तथा दिल्ली के पूर्व उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की न्यायिक हिरासत 6 जुलाई तक बढ़ा दी।

हाल ही में दिल्ली उच्च न्यायालय ने मामले में उन्हें जमानत देने से इनकार कर दिया था। न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा की पीठ ने कहा था कि याचिकाकर्ता भ्रष्टाचार के मामले में जमानत के लिए जरूरी तीन कसौटियों पर खरा उतरने और धन-शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत जरूरी दोहरी शर्त को पूरा करने में विफल रहे हैं।

हालांकि उच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया था कि सिसोदिया ट्रायल कोर्ट द्वारा तय शर्तों पर अपनी बीमार पत्नी से हर सप्ताह मिल सकेंगे।

सुप्रीम कोर्ट ने भी इस साल मार्च में वरिष्ठ आप नेता की उपचारात्मक याचिका को खारिज कर दिया था जिसमें उन्होंने 2023 में शीर्ष अदालत द्वारा जमानत को लेकर उनकी पुनर्विचार याचिका खारिज करने को चुनौती दी थी।

उच्चतम न्यायालय ने 30 अक्टूबर 2023 को अपने आदेश में सिसोदिया को जमानत देने से इनकार कर दिया था, लेकिन कहा था कि यदि अगले तीन महीने में मामले की सुनवाई धीमी रहती है तो वह नये सिरे से जमानत के लिए आवेदन कर सकते हैं।

राउज एवेन्यू कोर्ट की विशेष जज कावेरी बवेजा ने इस साल 30 अप्रैल को सिसोदिया को जमानत देने से इनकार कर दिया था।

ट्रायल कोर्ट ने अपने फैसले में इस बात पर भी गौर किया था कि सुनवाई में देरी सिसोदिया के कारण हो रही है।

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