होली के दौरान मथुरा में मुसलमानों की एंट्री बैन करने के संतों के आदेश पर सियासत गरमाई हुई है।

सोमवार को ‘ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन’ (एआईएमआईएम) के नेता मोहम्मद इस्माइल ने कहा कि पूरे देश में नफरत का माहौल चल रहा है। कारोबार में धर्म का कोई हस्‍तक्षेप नहीं होना चाहिए।

एआईएमआईएम नेता मोहम्मद इस्माइल ने कहा, “पूरे देश में नफरत का माहौल चल रहा है। मथुरा प्रकरण उसी से ताल्लुक रखता है। कारोबार में धर्म का कोई हस्‍तक्षेप नहीं होना चाहिए। आदमी जो कारोबार करता है, वो उसे करते रहने देना चाहिए। लेकिन इस तरह पाबंदी लगाकर लोगों बेरोजगार क‍िया जा रहा है।”

इससे पहले कांग्रेस नेता भाई जगताप ने कहा, “संतों ने क्या कहा, उसके बारे में मैं कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता हूं, लेकिन देश की संस्कृति है कि सभी धर्मों के लोग साथ मिलकर होली, दीपावली या अन्य त्योहार मनाते हैं।

खासतौर पर महाराष्ट्र में जो भी धार्मिक आयोजन या यात्रा होती है, हम उसमें धर्म नहीं देखते हैं। ये हजारों साल की परंपरा है। हमारे देश की यह विशेषता और खासियत है। इसे जाति धर्मों में बंटवाना देश के लिए हानिकारक है, चाहे ये पीएम मोदी या कोई और। हम धर्म और जाति में बांटेंगे तो हिंदुस्तान, हिंदुस्तान नहीं रहेगा। देश की संस्कृति को अपने निजी फायदे और राजनीतिक एजेंडा के लिए नहीं खराब करना चाहिए।”

बता दें कि उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में होली समारोह में मुस्लिम समुदाय के प्रवेश पर प्रतिबंध को लेकर नया विवाद छिड़ गया है। मथुरा के संतों ने साफ तौर पर ऐलान किया है कि होली के दौरान ब्रज क्षेत्र में मुस्लिमों का प्रवेश वर्जित रहेगा। श्री कृष्ण जन्मभूमि मामले में याचिकाकर्ता दिनेश शर्मा फलाहारी ने अपने खून से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर मांग की है कि ब्रज की होली में मुस्लिमों की एंट्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए।

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