अंबाला में एसटीएफ (STF) को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है, लेकिन बरामद विस्फोटक ने कई खतरनाक सवाल खड़े कर दिए हैं। अधिकारियों को संदेह है कि बरामद सामान सैन्य ग्रेड का विस्फोटक (RDX) हो सकता है, जिसका इस्तेमाल किसी बड़ी आतंकी घटना को अंजाम देने के लिए किया जाना था।
2 किलो RDX, कितनी बड़ी तबाही?
एसटीएफ अधिकारियों और सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह बरामद विस्फोटक आरडीएक्स (RDX) निकलता है, तो इसकी विनाशकारी क्षमता बहुत अधिक है। महज 2 किलो आरडीएक्स किसी भी घनी आबादी वाले बाजार, सरकारी इमारत या सार्वजनिक स्थल को पल भर में मलबे के ढेर में तब्दील करने के लिए काफी होता है। यह एक ऐसा शक्तिशाली विस्फोटक है जिसका इस्तेमाल अक्सर बड़े आतंकी हमलों में किया जाता रहा है।
खुफिया एजेंसियों का जॉइंट ऑपरेशन
डीएसपी अमन के मुताबिक, मामला सीधे तौर पर राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है, इसलिए पुलिस और खुफिया एजेंसियां (Intelligence Agencies) एक साथ मिलकर जांच कर रही हैं। विशेषज्ञों की एक टीम विस्फोटक के प्रकार और उसकी मारक क्षमता की जांच कर रही है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतनी बड़ी खेप अंबाला तक कैसे पहुंची? इसका असली टारगेट क्या था? इस साजिश के पीछे कौन सा नेटवर्क काम कर रहा है?
मोबाइल और रिकॉर्ड्स की पड़ताल
पकड़े गए संदिग्धों के मोबाइल फोन खंगाले जा रहे हैं। उनके पुराने रिकॉर्ड्स और हाल के दिनों में उनके संपर्कों की सूची तैयार की जा रही है। अधिकारियों का दावा है कि जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ेगी, कई बड़े सफेदपोश चेहरे या आतंकी लिंक बेनकाब हो सकते हैं।
