पाकिस्तान अपनी नापाक हरकतों से कभी भी बाज नहीं आता है। भारत के खिलाफ कुछ न कुछ पाकिस्तान की सरकारें और वहां की सेना साजिश रचती रहती है। ऐसे में भारतीय सेना के लिए सीडीएस ने कहा कि भारतीय सेना को पाकिस्तान को जवाब देने के लिए हमेशा तैयार रहना होगा। ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान को काफी जयादा नुकसान हुआ है। लेकिन इसके बावजूद वह कश्मीर में अशांति फैलाने का कोई भी मौका नहीं छोड़ता है। भारतीय सेना के लिए  प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने मंगलवार को कहा कि भारतीय सेना को पाकिस्तान द्वारा किए गए किसी भी प्रकार के हिंसक कृत्यों का जवाब देने के लिए तैयार रहना होगा। यहां एक कार्यक्रम में को संबोधित करते हुए सीडीएस ने कहा कि पाकिस्तान के पूर्ण-आयामी प्रतिरोध सिद्धांत” को चुनौती देने की आवश्यकता है, तथा इस बात पर जोर दिया कि आतंकवादी पाकिस्तान के किसी भी हिस्से में छिप नहीं सकते।

वार्षिक ‘ट्राइडेंट’ व्याख्यान श्रृंखला के उद्घाटन सत्र में उन्होंने दोहराया कि सैन्य तैयारी अत्यंत उच्च स्तर की होनी चाहिए, चौबीसों घंटे और वर्ष के 365 दिन तैयार रहने की जरूरत है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि युद्ध और शांति के बीच बहुत कम अंतर है, तथा कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि वे एक दूसरे में विलीन हो रहे हैं। सीडीएस ने कहा, हमें अपरंपरागत और परमाणु क्षेत्रों के बीच पारंपरिक अभियानों के लिए अधिक स्थान बनाने की आवश्यकता है।”

उन्होंने कहा कि आतंकवादी पाकिस्तान की धरती पर कहीं भी छिप नहीं सकते। जनरल चौहान ने इस बात पर भी जोर दिया कि भारतीय सेना के पास अत्यधिक दूरी पर स्थित स्थिर और गतिशील दोनों लक्ष्यों को भेदने की क्षमता होनी चाहिए। उन्होंने कहा, हमें पाकिस्तान द्वारा की जाने वाली किसी भी हिंसात्मक कार्रवाई का जवाब देने के लिए तैयार रहना होगा, चाहे वह राज्य के तत्वों द्वारा की जाए या राज्येतर तत्व द्वारा की जाए, और यह पहला मानदंड है, जो हमें समझना होगा। यह हम सभी के लिए नया मानदंड है।

सीडीएस ने कहा कि एक और सैन्य मानक यह है कि अब परमाणु नीति पर अधिक निर्भरता होगी, जो पारंपरिक सैन्य अभियानों की बुनियाद बन गई है। उन्होंने कहा कि एक और मानक यह होगा कि भारत को अपने विरोधियों के मुकाबले तकनीकी रूप से आगे रहना होगा।

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