सहारनपुर। मंगलवार से भारतीय जनता पार्टी द्वारा आयोजित किए जा रहे दलित सम्मेलनों को लेकर समाजवादी पार्टी अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा.राहुल भारती ने कहा कि दलितों के भाजपा सरकार में दलितों के साथ धोखा हुआ है उन पर किए जा रहे लगातार अत्याचारों में इजाफा हो रहा है।
डा.भारती ने कहा कि भाजपा की केन्द्र व प्रदेश की सरकार में दलित उत्पीड़न चरम सीमा पर है। जहां भाजपा एक ओर दलित सम्मेलन आयोजित कर रही है। वहीं दूसरी ओर पिछले एक सप्ताह से एक एकड़ दलितों को जमीन देने की मांग को लेकर गोरखपुर में प्रदर्शन कर रहे दलितों को गिरफ्तार करके रखा हुआ है। एनसीआरबी के आंकड़े के मुताबिक यूपी में दलित उत्पीड़न के मामलों में 25 फीसदी की वृद्धि हुई है। हाल के वर्षों में योगी सरकार में हाथरस रेप केस,उन्नाव रेप केस के साथ हत्या, आजमगढ़ पलिया कांड, कौशांबी में एक ही परिवार के तीन दलितों की हत्या, प्रयागराज में सामंतों द्वारा दलित छात्र दिलीप सरोज की सरेआम हत्या,श्रावस्ती के दलित प्रधान की हत्या, इलाहाबाद के सोरांव मे एक ही दलित परिवार के पांच लोगों की हत्या ,रायबरेली के ऊंचाहार में दलित छात्र को सार्वजनिक तौर जूता चटवाना, सहारनपुर शब्बीरपुर पीड़ितों को अभी तक इंसाफ न मिलाना,यूपी की भाजपा सरकार में हो रही दलित उत्पीड़न की गवाही दे रही है।
69000 शिक्षक भर्ती में आरक्षण की अनदेखी
वही डॉ राहुल भारती ने कहा कि
69000 शिक्षक भर्ती में संवैधानिक आरक्षण नियमावली का पालन नहीं होने से दलितो को नौकरी से वंचित किया जा रहा। विश्वविद्यालय में हो रही नियुक्तियो में दलितो को वंचित किया जा रहा। बांदा विश्वविद्यालय, गोरखपुर विश्वविद्यालय में हुई भर्तियां उदाहरण है,दलितों की सुनवाई करने वाले राज्य अनुसूचित जाति आयोग में अध्यक्ष नहीं है।वहीं एससी एसटी कम्पोनेन्ट प्लान के 50 हजार करोड़ रूपये का प्रदेश सरकार ने उपयोग न कर के अपनी दलित विरोधी मानसिकता का परिचय दिया है। भाजपा की नज़र में दलित तो पहले से ही दोयम दर्जे का नागरिक है। सरकार मे दलित जनप्रतिनिधि पऺंगू है।उनको गुलाम बनाकर रखा गया है।
मंत्री दिनेश खटिक का इस्तीफा देना व कारागार मंत्री सुरेश राही का धरना देना इस बात की ओर इंगित करता है कि दलित समाज के भाजपा विधायक,सांसदों को भी दोयम दर्जे का समझा जा रहा है।
