मंगलवार की रात शिक्षिका सालवी ने घर की छत पर आग लगाकर खुद को समाप्त कर लिया। यह घटना सिर्फ एक आत्महत्या नहीं बल्कि समाज में गहराते मानसिक तनाव और शरीर को लेकर की जाने वाली टिप्पणियों के असर को दिखाती है।

सालवी थायरॉयड असंतुलन से पीड़ित थी जिसके कारण उसका वजन 90 किलो तक पहुंच गया था। लंबे इलाज और प्रयासों के बावजूद उसका वजन कम नहीं हो सका। परिवार ने उसे व्यस्त रखने और आत्मविश्वास लौटाने के लिए एक निजी स्कूल में पढ़ाने के लिए भी भेजा लेकिन वहां भी इसे उसी समस्या से दो-चार होना पड़ा।

सुसाइड से पहले लिखा नोट

सालवी ने आत्महत्या से पहले एक सुसाइड नोट छोड़ा, जिसमें लिखा, “पापा-मम्मी, मैं अब और नहीं सह पा रही। आप लोग बहुत प्यार करते हो, लेकिन मैं ठीक नहीं हो पा रही हूं। अब और परेशान नहीं करना चाहती। भैया, मोनू… आपसे बहुत प्यार है। मम्मी-पापा का ख्याल रखना।”

परिजनों के अनुसार सालवी ने वजन घटाने के लिए काफी कोशिशें कीं। सख्त डाइटिंग, व्यायाम, दवाएं लेकिन नतीजे न मिलने से वह हताश थी। एक शिक्षिका ने बताया कि लंच ब्रेक में वह अक्सर कहती, “मैम, मुझे कुछ मत खिलाइए, मैं पहले ही मोटी हूं, और खाऊंगी तो और बढ़ेगा वजन। मेरे नाप के कपड़े भी नहीं मिलते।”

मंगलवार रात छत पर खुद को आग लगाने के बाद वह चीखती दौड़ी। पड़ोसियों ने जब देखा, तो घबरा गए। परिजन तुरंत उसे अस्पताल ले गए, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके का मुआयना किया। एसएचओ उमेश सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला मानसिक तनाव और बॉडी शेमिंग से जुड़ा आत्मदाह प्रतीत होता है। पूरे मामले की जांच जारी है।

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