गाजियाबाद के पंजाब एंड सिंध बैंक में हुए मैनेजर अभिषेक शर्मा (36) हत्याकांड ने पूरे शहर को स्तब्ध कर दिया है। पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपी गार्ड रविंद्र ने पूछताछ में जो खुलासे किए हैं, वे कार्यस्थल (Workplace) पर बढ़ते तनाव और ईगो की एक डरावनी तस्वीर पेश करते हैं। महज एक फोन कॉल पर मिली फटकार ने एक हंसते-खेलते परिवार का चिराग बुझा दिया।
विवाद की वजह- लूट नहीं, बेइज्जती का बदला
शुरुआत में इसे बैंक लूट की कोशिश माना जा रहा था, लेकिन हकीकत कुछ और ही निकली। आरोपी गार्ड रविंद्र ने कुबूला कि वह लंबे समय से मैनेजर की डांट-फटकार से आहत था। गार्ड का आरोप है कि मैनेजर अभिषेक अक्सर उसे अन्य कर्मचारियों और महिला स्टाफ के सामने डांटते थे, जिससे वह खुद को अपमानित महसूस करता था। घटना वाले दिन रविंद्र छुट्टी पर था और अपने खेत पर था। तभी मैनेजर का फोन आया और छुट्टी को लेकर दोनों के बीच तीखी बहस (‘Hot Talk’) हुई। फोन पर मिली इस फटकार ने रविंद्र के गुस्से को बेकाबू कर दिया।
खेत से सीधे बैंक पहुंचा और चला दी गोली
गुस्से में अंधा होकर रविंद्र सीधे बैंक पहुंचा। उसने वहां ड्यूटी में इस्तेमाल होने वाली अपनी बंदूक उठाई और बिना रुके सीधे मैनेजर के केबिन में घुस गया। केबिन में घुसते ही उसने अभिषेक शर्मा पर गोली चला दी। गोली की आवाज से बैंक में चीख-पुकार मच गई। घायल मैनेजर को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। बैंक के कैमरों में कैद मंजर बेहद डरावना है, जिसमें आरोपी वारदात के बाद हाथ में बंदूक लेकर बड़े ही शांत तरीके से बैंक से बाहर निकलता दिख रहा है।
सेना से रिटायरमेंट के बाद कर रहा था गार्ड की नौकरी
जांच में पता चला कि आरोपी रविंद्र 21 साल तक भारतीय सेना में देश की सेवा कर चुका है। रिटायरमेंट के बाद अपनी आर्थिक तंगहाली को दूर करने के लिए वह बैंक में गार्ड की नौकरी कर रहा था। पुलिस ने जब उससे पूछा कि उसने नौकरी क्यों नहीं छोड़ी, तो उसने अपनी ‘आर्थिक मजबूरी’ का हवाला दिया, लेकिन कहा कि अब अपमान सहना उसके बस के बाहर था।
घर में मातम, पटना रवाना हुआ शव
36 वर्षीय मैनेजर अभिषेक शर्मा का शव पोस्टमॉर्टम के बाद उनके परिजनों को सौंप दिया गया है। मूल रूप से बिहार के रहने वाले अभिषेक का अंतिम संस्कार उनके पैतृक शहर पटना में किया जाएगा। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और हत्या की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
