कांग्रेस नेता और पूर्व सांसद उदित राज ने पंडारा पार्क स्थित अपने बंगले को जबरन खाली कराए जाने को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। शुक्रवार को उन्होंने दावा किया कि अधिकारी उनके परिवार को जबरदस्ती बेदखल कर रहे हैं, जबकि यह मामला अभी अदालत में विचाराधीन है और अगली सुनवाई 28 अक्टूबर को होनी है।

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उदित राज ने क्या कहा?

उदित राज ने न्यूज़ एजेंसी से बात करते हुए बताया कि उन्हें बंगले को खाली करने का कोई लिखित नोटिस नहीं दिया गया था। उन्होंने आरोप लगाया, “संबंधित अधिकारियों ने कोई नोटिस नहीं दिया और कल अचानक 15-20 लोग पुलिस के साथ आए और हमारे सामान को बाहर फेंकना शुरू कर दिया। अदालत में अगली सुनवाई 28 अक्टूबर को है। तीन-चार दिन और इंतजार करने में क्या नुकसान था? अब हमारा सामान बाहर फेंक दिया गया है। अब देखेंगे कि आज हम कहाँ रहेंगे।

क्या है पूरा मामला?

यह सरकारी बंगला पूर्व सांसद की पत्नी सीमा राज को आवंटित था, जो एक सेवानिवृत्त IRS अधिकारी हैं। उदित राज का कहना है कि उन्होंने इस बंगले की लाइसेंस फीस 31 मई तक जमा कर दी थी। उनका आरोप है कि मामला कोर्ट में होने के बावजूद अधिकारियों ने उनके परिवार को बलपूर्वक बाहर निकाल दिया। सरकार की ओर से इस बेदखली पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

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दलित और गरीबों की आवाज उठाने की सजा मिली

सामान के साथ घर के बाहर बैठे उदित राज ने इस कार्रवाई पर गहरा रोष व्यक्त किया। उन्होंने इस बेदखली को ‘अत्याचार’ करार दिया और इसे दलित और गरीबों की आवाज़ उठाने की सज़ा बताया।

उन्होंने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई ‘चुनिंदा और पूर्वाग्रह’ से भरी है। उनके अनुसार, एक निचली जाति के विपक्षी नेता को निशाना बनाया जा रहा है, जबकि ‘कई ऊंची जाति के लोग अब भी सरकारी बंगले पर कब्ज़ा कर बैठे हैं।’ उदित राज ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में (केंद्रीय मंत्री) मनोहर लाल खट्टर से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं हो पाई। उनका कहना है कि कोई भी वरिष्ठ अधिकारी फोन पर उपलब्ध नहीं है। उन्होंने कहा कि वह इस मामले को अपनी पार्टी नेतृत्व (कांग्रेस) के सामने उठाएंगे।

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