मेरठ जहां सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर चला बुलडोज़र, अब सियासत का सबसे बड़ा मुद्दा बन चुका है। शास्त्री नगर की सेंट्रल मार्केट में बने अवैध शॉपिंग कॉम्प्लेक्स को आवास विकास परिषद ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर जमींदोज कर दिया। 22 दुकानों वाले इस बहुमंजिला परिसर को पल भर में मलबे में तब्दील कर दिया गया,,,लेकिन, इस कार्रवाई की गूंज अब सियासी गलियारों तक पहुंच चुकी है।
दरअसल, ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के विरोध में व्यापारियों ने बाजार बंद करने का ऐलान कर दिया था। गुस्साए व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठानों पर ताले लटका दिए थे। जिसके बाद भाजपा नेताओं में हडकंप मच गया। फिर बाजार खुलवाने के लिए नेताओं को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी,,और अंत में आगे ध्वस्तीकरण नहीं होगा इस आश्वासन पर बाजार खुल गया,,,जिसका पूरे श्रेय बीजेपी नेताओं ने लिया।
लेकिन अब मामला फिर गरमा गया है,,ध्वस्तीकरण में जमींदोज की गई 22 दुकानों के मालिक व्यापारी अब सड़क पर उतर आए हैं,,न्याय और मुआवज़े की मांग को लेकर उन्होंने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है।व्यापारियों का कहना है हमने अपनी जिंदगी की पूरी कमाई इन दुकानों पर लगाई थी,,35 साल से इन्हीं दुकानों से रोजी-रोटी चल रही थी,,अब सरकार हमें राहत दें।
अखिलेश का भाजपा पर हमला
इस बीच सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने भी भाजपा सरकार पर करारा हमला बोला,,उन्होंने कहा इन लोगों ने भाजपा को वोट दिया था,,अब इन्हें बुलडोज़र का रिटर्न गिफ्ट मिल रहा है। वहीं, सरधना से सपा विधायक अतुल प्रधान भी व्यापारियों के समर्थन में मैदान में उतर आए हैं,,,उन्होंने कहा जब सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ध्वस्तीकरण हुआ तो मेरठ कमिश्नर आखिर आगे की कार्रवाई रोकने का आदेश कैसे दे सकते हैं,,,सरकार को कानून बनाकर इस जमीन को ‘हाउसिंग’ से ‘कमर्शियल’ में बदलना चाहिए,,,ताकि इन व्यापारियों को उनका हक मिल सके।
बता दें कि, भाजपा नेता विनीत अग्रवाल शारदा भी प्रदर्शनकारियों से मिलने पहुंचे थे,,लेकिन उन्हें प्रदर्शनकारी महिलाओं के गुस्से का सामना करना पड़ा,,महिलाओं ने सवाल किया कार्रवाई के वक्त भाजपा नेता कहां थे।
