बिहार सरकार ने राज्य में कॉल सेंटर, वित्तीय सेवाओं, अकाउंटिंग और परामर्शदाता राष्ट्रीय व बहुराष्ट्रीय कंपनियों के केंद्र स्थापित करने को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से बिहार वैश्विक क्षमता केंद्र (GCC) नीति-2026 को मंजूरी दे दी है। 

कंपनियों को मिलेगी सब्सिडी 

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इस नीति को स्वीकृति दी गई। कैबिनेट बैठक के बाद सूचना भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार ने बताया कि नीति के तहत राज्य में वैश्विक क्षमता केंद्र (GCC) स्थापित करने वाली कंपनियों को विभिन्न प्रकार की सब्सिडी प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही बिहार के स्थानीय युवाओं को रोजगार देने पर कंपनियों को अतिरिक्त प्रोत्साहन भी मिलेगा। 

सचिव ने कहा कि नवाचार और उन्नत प्रौद्योगिकी के केंद्र के रूप में जीसीसी की स्थापना भारत को वैश्विक ज्ञान और नवाचार केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि जीसीसी नीति-2026 का मुख्य उद्देश्य उन्नत अनुसंधान और औद्योगिक विकास के एकीकरण के माध्यम से एक सशक्त नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करना है, जिससे सतत विकास एवं वैश्विक प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित की जा सके।

दो लाख से अधिक प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार होंगे सृजित

कुमार ने बताया कि बिहार मंत्रिमंडल ने राज्य में सेमीकंडक्टर क्षेत्र को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक नयी नीति को भी मंजूरी दी है। इस नीति के तहत सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन, डिस्प्ले फैब, कंपाउंड सेमीकंडक्टर और सेमीकंडक्टर डिजाइन जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में बड़े निवेश को प्रोत्साहित किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि राज्य सरकार की सेमीकंडक्टर नीति देश में सबसे बेहतरीन है और सरकार बिहार में निवेश करने वाले निवेशक को 50 करोड़ रुपए तक की सब्सिडी देगी। सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस नीति के प्रभावी क्रियान्वयन से राज्य में लगभग 25,000 करोड़ रुपए के निवेश की संभावना है। इसके साथ ही दो लाख से अधिक प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है। 

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