केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह बुधवार से तीन दिवसीय बिहार दौरे पर हैं. इस दौरान वे राज्य के अधिकारियों और सशस्त्र सीमा बल (SSB) व अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ बैठक करेंगे. बैठक का मुख्य उद्देश्य सीमा वाले संवेदनशील जिलों में कथित जनसांख्यिकीय बदलाव, घुसपैठ और अवैध धार्मिक निर्माणों से जुड़ी समस्याओं का विश्लेषण करना है.

उच्च स्तरीय समिति का गठन
अमित शाह ने बताया कि जनसांख्यिकीय बदलावों की समीक्षा के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया जाएगा, जो पूरे देश में हुए बदलावों पर रिपोर्ट तैयार करेगी. उन्होंने कहा कि सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र बंगाल, झारखंड और बिहार हैं. शाह ने कहा कि जनसंख्या के अस्वाभाविक बदलाव किसी भी देश की संस्कृति, इतिहास और भूगोल के लिए खतरा होते हैं.

बंगाल चुनाव और बीजेपी का एजेंडा
शाह ने कहा कि बंगाल में अभी चुनाव हैं और उनका पूरा विश्वास है कि इस बार भाजपा की सरकार बनेगी. उन्होंने कहा कि नई सरकार का पहला काम सीमा पर बाड़ का काम पूरा करना और एक-एक घुसपैठिए को बाहर करना होगा. उन्होंने कहा कि यह कोई चुनावी वादा नहीं बल्कि केंद्र की मोदी सरकार का संकल्प है.

सीमांचल क्षेत्र में सीमा के 10 किलोमीटर के अंदर के सारे अवैध अतिक्रमण ध्वस्त होंगे। pic.twitter.com/tvpLbllD9N

— Amit Shah (@AmitShah) February 26, 2026

शाह ने कहा कि अगली बार जब हम आपके पास जनादेश के लिए आएंगे उससे पहले एक-एक घुसपैठियों को देश के बाहर निकाल कर आएंगे. एक तरह से अमित शाह ने यह ऐलान किया है कि 2030 तक सभी घुसपैठियों को देश के बाहर निकाल देंगे.

सीमांचल से घुसपैठियों को हटाना
बिहार के अररिया में नेपाल सीमा से सटे लेटी में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने SSB की 52वीं बटालियन के BOP भवन का उद्घाटन किया और सीमा सुरक्षा परियोजनाओं की समीक्षा की. इस दौरान, SSB के कार्यक्रम में अमित शाह ने कहा कि सीमांचल को घुसपैठियों से मुक्त किया जाएगा. उन्होंने कहा कि घुसपैठियों से गरीबों के अनाज और देश के नौजवानों के रोजगार पर असर पड़ता है. राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए इन लोगों को बाहर करना जरूरी है.

कार्रवाई की रूपरेखा
अमित शाह ने बताया कि बिहार की सरकार से लेकर जिलाधिकारी और पुलिस कप्तानों तक के साथ डिटेल मीटिंग करके एक्शन प्लान तैयार किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि सीमा से 10 किमी के भीतर जितने भी अवैध अतिक्रमण हैं, उन्हें हटा दिया जाएगा.

अंकित गुप्ता abp न्यूज़ में सीनियर स्पेशल कॉरेस्पॉन्डेंट हैं. इनका अनुभव 18 से अधिक सालों का है. abp न्यूज़ से पहले ये न्यूज 24 और सहारा समय जैसे बड़े संस्थानों में भी काम कर चुके हैं. अंकित लीगल और राजनीतिक बीट कवर करते हैं. इसके अलावा इन्होंने कई अन्य राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्टोरीज़ को भी को कवर किया है.

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed

उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के खैरीघाट थाना क्षेत्र में गुरुवार शाम तेंदुए के हमले में सात वर्षीय बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई। बच्ची को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज बहराइच रेफर किया गया है। पुलिस और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, खैरीघाट थाना क्षेत्र के बाजपुरवा गांव में शाम करीब पांच बजे आफरीन (7), पुत्री तसव्वर, अपने घर के बाहर खेल रही थी। इसी दौरान झाड़ियों से निकले तेंदुए ने अचानक उस पर हमला कर दिया। बच्ची अस्पताल में भर्ती बच्ची की चीख सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और शोर मचाते हुए लाठी-डंडों के साथ तेंदुए की ओर बढ़े, जिसके बाद जंगली जानवर वहां से भाग गया। ग्रामीणों ने घायल बच्ची को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शिवपुर पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसका प्राथमिक उपचार किया। सीएचसी शिवपुर के चिकित्सक डॉ. विकास सिंह ने बताया कि बच्ची गंभीर हालत में अस्पताल लाई गई थी। उसकी स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज बहराइच रेफर कर दिया गया, जहां उसका इलाज जारी है। गांव में दहशत का माहौल घटना की सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंच गई। वन क्षेत्राधिकारी पीयूष गुप्ता ने बताया कि टीम द्वारा क्षेत्र में जांच की जा रही है। रात का समय होने के कारण तेंदुए के स्पष्ट पगचिह्न नहीं मिल सके हैं, लेकिन इलाके में गश्त बढ़ा दी गई है और आसपास के जंगल व झाड़ियों की निगरानी की जा रही है। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग से तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने और नियमित गश्त कराने की मांग की है। वन विभाग ने लोगों से बच्चों को अकेले बाहर न भेजने और शाम के समय विशेष सतकर्ता बरतने की अपील की है।

Verified by MonsterInsights