मध्य प्रदेश के शहडोल जिले से वन्यजीव प्रेमियों को झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ के उत्तर वन मंडल में एक बाघ और एक बाघिन की करंट लगने से मौत हो गई। वन विभाग ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दो किसानों सहित सात आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वन विभाग के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दोनों बाघ-बाघिन सोमवार को मृत मिले थे। इस साल मध्य प्रदेश में बाघों की मौत का आंकड़ा तेजी से बढ़ा है। इन दो मौतों के साथ ही राज्य में इस साल अब तक 9 बाघों की जान जा चुकी है, जो संरक्षण प्रयासों पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

शहडोल उत्तर संभागीय वन अधिकारी (डीएफओ) तरुणा वर्मा ने फोन पर पीटीआई- को बताया, ‘‘आरोपियों ने मुख्य रूप से जंगली सूअरों को पकड़ने के लिए कथित तौर पर बिजली के जाल बिछाए थे।’’ उन्होंने कहा कि हालांकि, करीब छह साल की एक बाघ और करीब सात साल की बाघिन खेतों में बिछाए गए जाल में फंस गई और उनकी मौत हो गई। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम में पुष्टि हुई है कि दोनों बाघों की मौत का कारण करंट लगना ही था।

वर्मा ने बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से पता चला है कि सोमवार को दोनों बाघ-बाघिन के मृत पाये जाने से लगभग 48 से 72 घंटे पहले उनकी मौत हो गई थी। उन्होंने कहा कि इन दोनों मृत बाघ-बाघिन से कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है और इस वजह से अवैध शिकार करने की कोई संभावना नजर नहीं दिखती। बाघिन के शावक होने की खबरों के बारे में पूछे जाने पर वर्मा ने कहा कि घटनास्थल के पास एक बाघ के पैरे के निशान पाए गए हैं।

उन्होंने कहा, पैर के निशान तीन से चार दिन पुराने प्रतीत होते हैं। उन्होंने कहा कि वन विभाग के दस्ते शावक का पता लगाने के लिए आसपास के क्षेत्र की खोज कर रहे हैं। वर्मा ने कहा कि दो किसानों समेत सात आरोपियों को अदालत के समक्ष पेश किया गया। उन्होंने कहा कि अदालत ने उन्हें 15 दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

अधिकारी ने बताया कि आरोपियों में सरमन यादव (38), मोरनलाल यादव (43), राजेश यादव (49), रामभगत यादव (37), मातादीन यादव (27), जमुना सिंह गोंड (66) और रामचरण सिंह गोंड (59) शामिल हैं और उनके खिलाफ वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है। एक अधिकारी ने बताया कि इन मौतों के साथ ही इस साल राज्य में बाघों की संख्या बढ़कर नौ हो गई है।

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