बागपत जिले में बीते बुधवार को किसानों का गुस्सा सामने आया, जब ‘तिरंगा यात्रा’ के नाम पर जुटे किसानों का प्रदर्शन अचानक बिजली विभाग और स्मार्ट मीटर लगाने के खिलाफ आक्रोश में बदल गया। कलेक्ट्रेट के लोकमंच पर भरे हुए किसानों ने इस मुद्दे पर जोरदार नारे लगाए और जमकर विरोध जताया।

क्या है पूरा मामला?
किसान इस बात से नाराज हैं कि सरकार ने उन्हें बिजली फ्री देने का वादा किया था, लेकिन अब बिजली के दाम बढ़ रहे हैं और साथ ही बिजली विभाग की ओर से छापेमारी की जा रही है। खासकर स्मार्ट मीटर लगाने को लेकर किसानों में भारी रोष है। उनका कहना है कि स्मार्ट मीटर लगने से बिजली महंगी हो जाएगी और सरकार के वादे से पलटाव हुआ है।

भाकियू नेता ने दी जोरदार चेतावनी
भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के नेता हरेंद्र दांगी ने सभा को संबोधित करते हुए अपने गुस्से का इजहार किया। उन्होंने मंच से कहा कि अगर कहीं छापेमारी हुई या स्मार्ट मीटर लगाए गए तो हम जूतों से मार-मारकर अधिकारियों के बाल उखाड़ देंगे।उनका कहना था कि मुख्यमंत्री ने कहा है बिजली फ्री है, तो फिर छापेमारी क्यों हो रही है?

आंदोलन तेज होने की चेतावनी
हरेंद्र दांगी ने साफ कहा कि यह सिर्फ चेतावनी है, अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो आंदोलन और भी तेज होगा। उन्होंने कहा कि किसान तब तक शांत नहीं बैठेंगे जब तक उनकी आवाज़ सुनी नहीं जाती। इस सभा में मौजूद किसानों का गुस्सा इस कदर था कि पूरा माहौल एक किसानी युद्धभूमि जैसा लग रहा था।

तिरंगा यात्रा बनी किसान आंदोलन का मंच
जिस दिन ये सभा हुई, उसी दिन ‘तिरंगा यात्रा’ भी निकाली गई थी। जहां एक तरफ किसान तिरंगा लेकर एकजुटता दिखा रहे थे, वहीं दूसरी ओर बिजली विभाग और स्मार्ट मीटर के खिलाफ उनका विरोध तेजी से बढ़ रहा था। किसानों का कहना था कि उनकी परेशानियों को सरकार को समझना चाहिए और उनकी मांगें पूरी करनी चाहिए।

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