बांदा के पिपरहरी गांव निवासी पप्पू उर्फ श्रवण कुमार के साथ पुलिस चौकी में हुई अमानवीयता ने इंसानियत को शर्मसार कर दिया। गांव में 25 व 27 अगस्त 2025 को हुई चोरी के झूठे आरोप में न केवल उसे गांव के दबंगों ने बेरहमी से पीटा, बल्कि चौकी इंचार्ज ने भी हदें पार करते हुए उसे मां और पत्नी के सामने पेशाब पिलाने, उंगलियां तोड़ने और एनकाउंटर की धमकी देने तक का कृत्य किया। इस मामले में कोर्ट के आदेश पर चौकी इंचार्ज समेत 7 लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
पीड़ित ने सीजेएम कोर्ट में वाद दायर कर बताया कि 1 सितंबर 2025 की सुबह गांव के कुछ दबंगों ने उसे और उसकी पत्नी को अपने घर बुलाकर मारपीट की और चोरी कबूल करने का दबाव बनाया। बाद में 112 नंबर पर बुलाए जाने पर पुलिस उसे चौकी ले गई, जहां नए खपटिहा कला चौकी इंचार्ज हरीशरण सिंह ने आरोपियों से पैसे लेकर पीड़ित को फिर से प्रताड़ित किया।
पीड़ित के अनुसार, चौकी में उसे डंडों से पीटा गया, गालियां दी गईं और चोरी कबूल न करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। यहां तक कि उसकी दो उंगलियां तोड़ दी गईं और पेशाब पिलाने जैसी घिनौनी हरकत की गई। पीड़ित की पत्नी और मां ने यह सब अपनी आंखों से देखा।
थाना अध्यक्ष को शिकायत देने और उच्च अधिकारियों को रजिस्ट्री से सूचना देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। अंततः 11 सितंबर 2025 को मेडिकल जांच में पीड़ित की टूटी उंगलियों की पुष्टि हुई।
थाना प्रभारी पैलानी राजेश वर्मा ने बताया कि गुरुवार को अदालत के आदेश पर चौकी इंचार्ज खप्टिहाकला हरीशरण सिंह के अलावा उन सभी पर भी मुकदमा दर्ज किया गया है, जिन्होंने पीड़ित को अपने घर पर बुलाकर पीड़ित के साथ मारपीट की और चौकी के अंदर भी जब उसे पेशाब पिलाने के लिए मजबूर किया गया तब यह सभी आरोपी चौकी में मौजूद थे। इनमें रामरूप सिंह, भइया, पंकज, ज्वाला, विद्याधर, सुनील शामिल है। इनके खिलाफ दंगा करना, जांन बूझकर गंभीर चोंट पहुंचाना, अचानक उकसावे पर हमला करने समेत पांच धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
