यूपी के बरेली में जुमा पर हुई हिंसा का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। सरकार ने कार्रवाई करते हुए अब तक 81 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं 3 लोगों का हॉफ मर्डर किया है। प्रशासन ने बरेली में कर्फ्यू भी लगाया था। कई बार शहर में इंटरनेट भी बंद हो चुका है। मामले में अब समाजवादी पार्टी ने भी एक्शन लिया। सपा ने बरेली के लिए अपना प्रतिनिधिमंडल तैयार किया है। प्रतिनिधिमंडल 4 अक्टूबर को बरेली जाएगा। प्रतिनिधिमंडल डीआईजी और कमिश्नर से मुलाकात करेगा। इसके अलावा मंडल पीड़ित परिवारों से भी मुलाकात करेगा।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल हैं 14 नेता
सपा प्रतिनिधिमंडल में 14 नेता शामिल हैं। इसमें यूपी में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे, सांसद हरेंद्र मलिक, सांसद इकरा हसन, सांसद जियाउर्रहमान बर्क, सांसद मोहिबुल्लाह, सांसद नीरज मौर्य, पूर्व सांसद वीरपाल सिंह, पूर्व सांसद प्रवीण सिंह ऐरन, जिलाध्यक्ष शिवचरन कश्यप, महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी, विधायक अताउर्रहमान, विधायक शहजिल इस्लाम अंसारी, पूर्व मंत्री भगवत शरण गंगवार और प्रदेश सचिव शुभलेश यादव शामिल रहेंगे।
डीएम को सौपेंगे ज्ञापन
समाजवादी पार्टी ने पत्र जारी कर बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर सपा का प्रतिनिधिमडंल बरेली जायेगा। बताया कि प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवारों से मिलकर उनकी समस्याओं के निदान के लिए बरेली डीआईजी और कमिश्नर से मिलकर बात करेगा। इसके बाद रिपोर्ट प्रदेश कार्यालय में प्रस्तुत करेंगे।

सपा ने लगाए ये आरोप
सपा पार्टी ने कहा कि बरेली में गत 26 सितम्बर को जुमे की नमाज के बाद मुस्लिम समाज के लोग समस्याओं को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से जिलाधिकारी को ज्ञापन देने जा रहे थे। सपा ने आरोप लगाया कि निर्दोष लोगों पर रास्ते में पुलिस और पीएसी ने बेरहमी से लाठीचार्ज किया गया। जिसमें बहुत से लोग गंभीर रूप से घायल हो गये हैं। 81 लोगों को जेल भेज दिया गया है। 4 बारात घर सीज कर दिये गये हैं। बुलडोजर से कई मकानों और दुकानों को ढहा दिया गया है। साथ ही सपा ने बताया कि पुलिस ने 3 लोगों का हॉफ एनकाउटर कर दिया गया है।
