वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बृहस्पतिवार को अगले वित्त वर्ष के लिए सुधारों को आगे बढ़ाने वाला अंतरिम बजट पेश किया, इसे लेकर उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री बसपा सुप्रीमो मायावती ने सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा लोकसभा चुनाव से पूर्व, संसद में आज पेश बजट जमीनी वास्तविकता से दूर चुनावी लुभावने वाला ज़्यादा ।
इस प्रकार, देश की जनता की अपार गरीबी, बेरोजगारी व बढ़ती हुई मंहगाई आदि से त्रस्त जीवन को नकारना अति-दुःखद व चिंतनीय। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही, देश की अर्थव्यवस्था व विकास संबंधी सरकारी दावों व वादों में जमीनी सच्चाई होती तो फिर यहाँ के 80 करोड से अधिक लोगों को फ़्री में राशन का मोहताज जीवन जीने को मजबूर नहीं होना पड़ता।
बता दें कि सरकार ने बृहस्पतिवार को 2024-25 के लिए ग्रामीण विकास मंत्रालय का बजट पिछले साल के 1.57 लाख करोड़ रुपये से करीब 12 प्रतिशत बढ़ाकर 1.77 लाख करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव किया। हालांकि, यदि 1.71 लाख करोड़ रुपये के संशोधित अनुमान से तुलना की जाए, तो यह वद्धि तीन प्रतिशत ही बैठती है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में पेश किये गये अंतरिम बजट में 2024-25 के लिए महत्वपूर्ण महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के वास्ते 86,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है जो पिछले बजट में किये गये 60,000 करोड़ रुपये के आवंटन से करीब 43 प्रतिशत अधिक है।
हालांकि, मनरेगा के लिए संशोधित अनुमान 86,000 करोड़ रुपये का है, जो आगामी वित्त वर्ष के आवंटन के बराबर है। चुनाव पूर्व बजट में वित्त मंत्री सीतारमण ने यह भी घोषणा की कि अगले पांच साल में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण में और दो करोड़ मकान बनाये जायेंगे। बजट में इस योजना के लिए 54,500 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। सीतारमण ने यह भी घोषणा की कि ‘लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य दो करोड़ से बढ़ाकर तीन करोड कर दिया गया है। अंतरिम बजट में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के लिए आवंटन घट गया है। 2024-25 के अंतरिम बजट में इस योजना के लिए आवंटन 12,000 करोड़ रुपये है जबकि पिछली बार यह 19,000 करोड़ रुपये था।