नेपाल और भारतीय सिनेमा के मशहूर अभिनेता सुनील थापा का 68 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उनके निधन की खबर से नेपाली फिल्म इंडस्ट्री के साथ-साथ भारतीय सिनेमा जगत में भी शोक की लहर दौड़ गई है। खलनायक भूमिकाओं में अपनी दमदार पहचान बनाने वाले सुनील थापा को नेपाली सिनेमा की ऐतिहासिक फिल्म ‘चिनो’ में निभाए गए ‘रेटे कैला’ के किरदार के लिए खास तौर पर जाना जाता था।

काठमांडू में हुआ निधन, हार्ट अटैक की आशंका (Sunil Thapa Death) 
सुनील थापा का निधन शनिवार, 7 फरवरी 2026 की सुबह काठमांडू के थापाथली स्थित नॉरविक इंटरनेशनल हॉस्पिटल में हुआ। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, वे अपने घर पर अचेत अवस्था में पाए गए थे। परिजन उन्हें तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां ईसीजी जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शुरुआती रिपोर्ट में मौत की वजह संभावित हार्ट अटैक बताई जा रही है।

राष्ट्रीय ध्वज ओढ़ाकर अंतिम विदाई और संस्कार 
दिवंगत वरिष्ठ कलाकार सुनील थापा का पशुपति आर्यघाट पर अंतिम संस्कार किया गया। एक्टर को राष्ट्रीय ध्वज ओढ़ाकर अंतिम विदाई दी गई। दिवंगत अभिनेता को उनके बेटे ने मुखाग्नि दी। थापा अपने पीछे पत्नी, एक बेटा और एक बेटी को छोड़ गए हैं।

सिनेमा जगत में शोक, श्रद्धांजलियों का दौर जारी
सुनील थापा के निधन पर नेपाल और भारत के कई कलाकारों, फिल्म निर्माताओं और प्रशंसकों ने गहरा दुख व्यक्त किया है। सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलियों का सिलसिला लगातार जारी है। नेपाली सिनेमा के कई वरिष्ठ कलाकारों ने उन्हें एक समर्पित कलाकार और प्रेरणास्रोत बताया।

300 से ज्यादा फिल्मों में निभाए यादगार किरदार
सुनील थापा नेपाली फिल्म इंडस्ट्री के सबसे प्रभावशाली और व्यस्त कलाकारों में गिने जाते थे। उन्होंने अपने लंबे करियर में 300 से अधिक नेपाली फिल्मों में अभिनय किया। फिल्म ‘चिनो’ में निभाया गया उनका खलनायक किरदार ‘रेटे कैला’ आज भी नेपाली सिनेमा के सबसे आइकॉनिक विलेन कैरेक्टर्स में शामिल माना जाता है।

मॉडलिंग और फुटबॉल से सिनेमा तक का सफर
सुनील थापा ने अपने करियर की शुरुआत 1970 के दशक में मुंबई में मॉडलिंग से की थी। उन्होंने कई नामी कपड़ा ब्रांड्स के लिए काम किया। फिल्मों में आने से पहले वे एक प्रतिभाशाली फुटबॉल खिलाड़ी भी थे और बॉम्बे के विभिन्न क्लबों का प्रतिनिधित्व कर चुके थे। इसके अलावा, उन्होंने जेएस मैगज़ीन के लिए फोटो जर्नलिस्ट के रूप में भी काम किया और कई अहम घटनाओं की कवरेज की।

भारतीय सिनेमा में भी छोड़ी गहरी छाप
नेपाली फिल्मों के साथ-साथ सुनील थापा ने भारतीय सिनेमा में भी अपनी पहचान बनाई। उन्होंने 1980 में हिंदी फिल्म ‘एक-दूजे के लिए’ से बॉलीवुड में कदम रखा। इसके बाद ‘मैरी कॉम’ में उनकी सहायक भूमिका को काफी सराहा गया। भोजपुरी फिल्म ‘बॉर्डर’ और 2025 में रिलीज़ हुई तेलुगु फिल्म ‘मिराई’ में भी वे नजर आए।

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