माफिया से राजनेता बने मुख्तार अंसारी का छोटा बेटा उमर अंसारी अब जेल से बाहर आ गया है। उसे 23 अगस्त को जेल भेजा गया था और 39 दिन बाद यानी सोमवार शाम 7 बजकर 4 मिनट पर उसे कासगंज जेल से रिहा किया गया। रिहाई के समय उमर की भाभी और विधायक अब्बास अंसारी की पत्नी निखत बानो भी जेल के बाहर मौजूद थीं।

क्या था पूरा मामला?
पुलिस के अनुसार, उमर अंसारी ने अपनी मां अफसा अंसारी की जब्त संपत्ति को छुड़ाने के लिए फर्जी दस्तावेज बनवाए। उसने कोर्ट में एक याचिका लगाई, जिसमें दावा किया गया कि याचिका अफसा अंसारी की ओर से दी गई है। लेकिन जांच में सामने आया कि याचिका पर अफसा अंसारी के फर्जी हस्ताक्षर किए गए थे। ये याचिका गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) के तहत जब्त संपत्ति को छुड़ाने के लिए दायर की गई थी।

कौन हैं अफसा अंसारी?
अफसा अंसारी, मुख्तार अंसारी की पत्नी हैं। उन पर भी 50 हजार रुपए का इनाम घोषित है। वह इस समय फरार चल रही हैं।

कैसे दर्ज हुआ केस?
पुलिस ने बताया कि यह पूरी साजिश सोची-समझी थी, ताकि कोर्ट को गुमराह कर संपत्ति वापस ली जा सके। जब मामला सामने आया तो गाजीपुर जिले के मुहम्मदाबाद थाने में केस दर्ज किया गया। इसी मामले में उमर अंसारी को जेल भेजा गया था।

उमर अंसारी के अन्य आरोप
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, उमर अंसारी का नाम IS-191 गैंग से जुड़ा है। उस पर फर्जी दस्तावेजों, जमीन कब्जे और धोखाधड़ी जैसे कई आरोप हैं। साथ ही, उस पर चुनाव के दौरान भड़काऊ भाषण देने और माहौल बिगाड़ने के भी मामले दर्ज हैं। उसके खिलाफ गाज़ीपुर, मऊ और लखनऊ जैसे जिलों में कई आपराधिक केस चल रहे हैं।

अब आगे क्या?
उमर अंसारी भले ही इस केस में जमानत पर बाहर आया हो, लेकिन उसके खिलाफ कई अन्य गंभीर मामले अभी भी लंबित हैं। पुलिस जांच जारी है और आगे की कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Verified by MonsterInsights