बिहार के मुंगेर जिले से शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। असरगंज प्रखंड स्थित मध्य विद्यालय सजुआ में मंगलवार को गुरु-शिष्य की मर्यादा उस वक्त तार-तार हो गई, जब स्कूल के शिक्षकों और प्रधानाध्यापक पर परिसर के भीतर ही ‘मुर्गा पार्टी’ करने का आरोप लगा। बताया जा रहा है कि इस दावत के दौरान छात्रों को क्लासरूम से बाहर निकाल दिया गया था। आयुष कुमार नाम के एक छात्र ने साहस दिखाते हुए इस अनुचित कृत्य का खुलासा मीडिया के सामने कर दिया, लेकिन यह निडरता अगले ही दिन उस पर भारी पड़ गई।

बुधवार को जब आयुष स्कूल पहुंचा, तो आरोप है कि प्रधानाध्यापक प्रदीप कुमार सिंह ने उसे सबक सिखाने के इरादे से कक्षा से बाहर निकाला और उस पर लात-घूंसों की बरसात कर दी। हैरानी की बात यह रही कि जब मासूम छात्र को बेरहमी से पीटा जा रहा था, तब स्कूल के अन्य शिक्षक बीच-बचाव करने के बजाय मूकदर्शक बने तमाशा देखते रहे।

गंभीर हालत में भागलपुर रेफर, आरोपी प्रिंसिपल फरार
पिटाई के कारण आयुष की हालत बिगड़ गई और वह गंभीर रूप से जख्मी हो गया। किसी तरह उसके सहपाठियों ने उसे घर पहुंचाया, जिसके बाद बदहवास परिजन स्कूल पहुंचे। हालांकि, हंगामे की आशंका भांपते हुए प्रधानाध्यापक प्रदीप कुमार सिंह पहले ही स्कूल छोड़कर फरार हो चुके थे। परिजनों ने तुरंत बच्चे को असरगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। वहां प्राथमिक उपचार कर रही डॉक्टर ने बताया कि छात्र की छाती के अंदरूनी हिस्से में गंभीर चोटें (इंटरनल इंजरी) आई हैं, जिसके कारण उसे बेहतर इलाज के लिए भागलपुर के मायागंज अस्पताल रेफर करना पड़ा। आयुष की मां नीतू यादव के अनुसार, बच्चा शारीरिक रूप से कमजोर है और फिलहाल उसका इलाज निजी अस्पताल में चल रहा है।

राजनीतिक गरमाहट और प्रशासनिक कार्रवाई की तैयारी
इस घटना ने अब राजनीतिक मोड़ भी ले लिया है। भाजपा प्रखंड अध्यक्ष अजीत कुमार मुन्ना ने स्कूल परिसर में मांस-मदिरा या ऐसी पार्टियों के आयोजन पर कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता का खुलासा करने वाले बच्चे को पीटना अक्षम्य अपराध है। उन्होंने जिला शिक्षा पदाधिकारी से दोषी प्रधानाध्यापक और अन्य शिक्षकों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की मांग की है।

इधर, प्रशासनिक स्तर पर भी हलचल तेज हो गई है। जिला शिक्षा पदाधिकारी कुणाल गौरव ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि उन्हें प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी और मीडिया के माध्यम से पूरी जानकारी मिल चुकी है। विभाग ने इसे गंभीरता से लेते हुए आरोपी प्रधानाध्यापक से 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण (शो-कॉज) मांगा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि कल से इस मामले में विधिवत दंडात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Verified by MonsterInsights