समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता स्वामी प्रसाद मौर्य अपने विवादित बयानों को लेकर हमेशा चर्चा का विषय बने रहते हैं। कभी हिन्दू धर्म, कभी देवी-देवता और अब राम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा को लेकर भी उन्होंने टिप्पणी दी है। प्राण प्रतिष्ठा को लेकर स्वामी प्रसाद मौर्य का बयान सामने आते ही विवाद छिड़ गया। तमाम साधु संतों व हिन्दू संगठनों ने इस तरह की अमर्यादित बयान पर नाराजगी जाहिर की। साथ ही, हनुमान गढ़ी के महंत राजूदास ने भी इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि स्वामी प्रसाद मौर्य पागल हो गए हैं। सनातन धर्मियों को स्वामी प्रसाद का मुंह गदा से तोड़ देना चाहिए।
महंत राजूदास ने स्वामी प्रसाद पर नाराज होते हुए कहा, सपा प्रमुख से मेरी विनम्र अपील है कि जिस प्रकार का स्वामी प्रसाद मौर्य का एक और बयान आया कि ये लोग पत्थर में भी जान डालते हैं। अगर ऐसा है तो ये लोग जब मां-बाप मर जाएं तो मुर्दों में भी जान डाल दें। ये बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बात है। महंत राजुदास ने आगे कहा, इनके मन में इतना बाबरी प्रेम जग गया है कि इन्हें समझ ही नहीं आता कि क्या बोलना चाहिए क्या नहीं बोलना चाहिए। हम इसका पुरजोर विरोध करते हैं.. निंदा करते हैं।
महंत राजूदास ने स्वामी प्रसाद मौर्य पर निशाना साधते हुए कहा कि सनातनियों से मेरी अपील है, स्वामी प्रसाद मौर्य का मुंह गदा से मारकर तोड़ दिया जाए तभी जाकर ये मानेंगे। ऐसे शब्दों का प्रयोग अति निंदनीय है, दुर्भाग्यपूर्ण हैं। स्वामी प्रसाद का इस तरह का बयान शुद्ध रूप से सपा प्रमुख अखिलेश यादव का है। क्योंकि स्वामी प्रसाद बार-बार इस तरह का अमर्यादित बयान देते रहते हैं फिर भी कुछ नहीं किया जाता है। सनातनियों का मजाक उड़ाना, हिन्दू देवी-देवताओं के लिए इस तरह के शब्दों का प्रयोग करना। इस पर सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
बता दें, स्वामी प्रसाद ने बीते दिनों रामलला की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर कहा था कि अगर किसी मूर्ति में प्राण प्रतिष्ठा कर देने से पत्थर संजीव हो सकता है तो फिर मुर्दे क्यों नहीं चल सकते। उन्होंने कहा कि यह सब पाखंड और ढ़ोंग है। जो खुद भगवान है, जो सबका कल्याण करता हो, इंसान की क्या हैसियत की उसमें प्राण प्रतिष्ठा कर सके। ये लोग खुद को भगवान से बड़ा साबित करने में लगे हुए हैं।

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