प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को जैन धर्म के 24वें और अंतिम तीर्थंकर भगवान महावीर को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि उनके आदर्श दुनिया भर में अनगिनत लोगों को शक्ति प्रदान करते है। मोदी ने कहा कि उनकी सरकार हमेशा भगवान महावीर की सोच को साकार करने के लिए काम करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने पिछले वर्ष प्राकृत को शास्त्रीय का दर्जा दिया था और इस निर्णय की काफी सराहना हुई थी।

‘महावीर के आदर्श दुनिया भर के अनगिनत लोगों को शक्ति देते हैं’

पीएम मोदी ने कहा, ‘‘हम सभी भगवान महावीर को नमन करते हैं, जिन्होंने सदैव अहिंसा, सत्य और करुणा पर जोर दिया। उनके आदर्श दुनिया भर में अनगिनत लोगों को शक्ति प्रदान करते हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘जैन समुदाय द्वारा उनकी शिक्षाओं को खूबसूरती से संरक्षित किया गया और लोकप्रिय बनाया गया है। भगवान महावीर से प्रेरित होकर, उन्होंने जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्टता हासिल की है और सामाजिक कल्याण में योगदान दिया है।

 इस साल पूज्य आध्यात्मिक गुरु की 2623वीं जयंती है, जिसे पूरे भारत में श्रद्धा और भव्यता के साथ मनाया जा रहा है। जैन धर्म के सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक त्योहारों में से एक महावीर जयंती जैन कैलेंडर के अनुसार चैत्र महीने में शुक्ल पक्ष की 13 तारीख को मनाई जाती है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार महावीर का जन्म 599 ईसा पूर्व में कुंडलग्राम में हुआ था, जो वर्तमान पटना, बिहार के पास है।

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने दी महावीर जयंती पर बधाई

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बृहस्पतिवार को महावीर जयंती के अवसर पर प्रदेश वासियों को बधाई दी। राज भवन से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया, ‘‘भगवान महावीर की शिक्षाएं हमें शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व और प्रगति के लिए अहिंसा, आध्यात्मिक उन्नति, आत्म-विकास तथा एक-दूसरे के प्रति सौहार्द के मार्ग पर आगे बढ़ाएं।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में आज अवकाश है और सभी सरकारी प्रतिष्ठान तथा शिक्षण संस्थान बंद हैं। बनर्जी ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘महावीर जयंती के शुभ अवसर पर सभी को शुभकामनाएं। भगवान महावीर की शांति, सत्य और अहिंसा की शिक्षा हम सभी को प्रेरित करें।

बुधवार को पीएम मोदी ने दिल्ली के विज्ञान भवन में नवकार महामंत्र दिवस में भाग लिया और 108 से अधिक देशों के लोगों के साथ ‘नवकार महामंत्र’ का जाप किया। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक मंत्र नहीं बल्कि आस्था का केंद्र है। उन्होंने कहा कि महामंत्र जीवन की कुंजी है और इसका महत्व सिर्फ आध्यात्मिक नहीं है। उन्होंने कहा कि यह स्वयं से समाज तक सभी को मार्ग दिखाता है और लोगों को भीतर से दुनिया तक की यात्रा प्रस्तुत करता है। प्रधानमंत्री ने नवकार महामंत्र दिवस पर लिए जाने वाले नौ संकल्पों की भी सूची बनाई। प्रधानमंत्री मोदी ने बुधवार को नवकार महामंत्र कार्यक्रम में बिना जूते पहने ही भाग लिया और मंच पर बैठने के बजाय लोगों के बीच बैठना पसंद किया।

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Verified by MonsterInsights