देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिर से बदलाव देखने को मिला है। ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल के भावों में आई तेजी का असर स्थानीय बाजार पर भी पड़ा है। सोमवार को सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल की नई खुदरा कीमतें जारी कीं, जिनमें कुछ राज्यों के कुछ इलाकों में दाम बढ़े तो वहीं कुछ जगहों पर दामों में गिरावट दर्ज की गई।

यूपी और बिहार में दामों का बदलाव
उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर में पेट्रोल की कीमत 8 पैसे बढ़कर अब 94.85 रुपये प्रति लीटर हो गई है, जबकि डीजल 9 पैसे महंगा होकर 87.98 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया। वहीं, गाजियाबाद में पेट्रोल 96 पैसे घटकर 94.44 रुपये प्रति लीटर हो गया, और डीजल 1.09 पैसे की गिरावट के साथ 87.51 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। बिहार की राजधानी पटना में पेट्रोल 18 पैसे गिरकर 105.23 रुपये प्रति लीटर और डीजल 17 पैसे कम होकर 91.49 रुपये प्रति लीटर हो गया है। इससे स्थानीय लोगों को थोड़ी राहत मिली है।

देश के चार महानगरों में दाम स्थिर
देश के प्रमुख चार महानगरों दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। यहाँ के रेट इस प्रकार हैं:
➤ दिल्ली: पेट्रोल 94.72 रुपये, डीजल 87.62 रुपये प्रति लीटर
➤ मुंबई: पेट्रोल 103.44 रुपये, डीजल 89.97 रुपये प्रति लीटर
➤ चेन्नई: पेट्रोल 100.76 रुपये, डीजल 92.35 रुपये प्रति लीटर
➤ कोलकाता: पेट्रोल 104.95 रुपये, डीजल 91.76 रुपये प्रति लीटर

कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
ग्लोबल मार्केट में ब्रेंट क्रूड तेल की कीमत लगभग 66.43 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई है, जो पिछले छह महीनों में उच्चतम स्तर माना जा रहा है। इसी प्रकार, डब्ल्यूटीआई कच्चे तेल का भाव भी 64.55 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है। कच्चे तेल की इस तेजी का सीधा असर घरेलू ईंधन की कीमतों पर पड़ रहा है।

कैसे तय होते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम?
पेट्रोल और डीजल के दाम रोजाना सुबह 6 बजे तय होते हैं और तभी नए रेट लागू हो जाते हैं। इसमें एक्साइज ड्यूटी, डीलर कमीशन, वैट आदि जुड़कर अंतिम कीमत बनती है। यही कारण है कि पेट्रोल-डीजल के दाम कई बार कच्चे तेल की कीमतों से काफी ऊपर दिखते हैं।

क्या करें उपभोक्ता?
हालांकि दामों में उतार-चढ़ाव रोजाना होते रहते हैं, उपभोक्ताओं को चाहिए कि वे जरूरत के अनुसार ही वाहन का उपयोग करें और ईंधन की बचत के लिए सावधानी बरतें। सरकारी और निजी प्रयास भी ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों को बढ़ावा देने पर केंद्रित हैं ताकि तेल पर निर्भरता कम की जा सके।

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Verified by MonsterInsights