कर्नाटक के पूर्व जेडी(एस) सांसद प्रज्वल रेवन्ना को जनप्रतिनिधियों की विशेष अदालत ने उनके खिलाफ दर्ज एक गंभीर बलात्कार मामले में दोषी ठहराया है। यह फैसला सिर्फ़ 14 महीने के भीतर सुनाया गया है, जो कि कानूनी प्रक्रिया में बहुत तेजी माना जाता है। अदालत ने शुक्रवार को यह फैसला सुनाया और सजा की घोषणा कल की जाएगी। फैसला सुनाए जाने के बाद प्रज्वल रेवन्ना अदालत में फूट-फूट कर रोते हुए नजर आए। अदालत कक्ष से बाहर निकलते समय उनकी भावुकता देखी गई, जो इस मामले की गंभीरता और उनके व्यक्तिगत संकट को दर्शाती है।

मामले का विवरण
यह मामला मैसूर के केआर नगर की एक घरेलू सहायिका द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत पर आधारित है। पीड़िता ने आरोप लगाया था कि प्रज्वल रेवन्ना ने उसके साथ बलात्कार किया और इस कृत्य का वीडियो भी बनाया। इस शिकायत के बाद मामला कर्नाटक पुलिस के अपराध जांच विभाग (CID) के साइबर अपराध थाने में दर्ज किया गया। मुकदमा भारतीय दंड संहिता (IPC) की कई धाराओं के तहत दर्ज किया गया था। जिनमें धारा 376(2)(के) जो कि विशेष बलात्कार से संबंधित है, 376(2)(एन), 354(ए), 354(बी), 354(सी), 506, 201 के साथ-साथ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66 भी शामिल है।

गहन जांच और सबूत
सीआईडी के विशेष जांच दल (SIT) ने मामले की गहन जांच की। टीम ने कुल 123 साक्ष्य इकट्ठा किए और लगभग 2,000 पृष्ठों का आरोप पत्र अदालत में प्रस्तुत किया। इस टीम का नेतृत्व इंस्पेक्टर शोभा ने किया। मुकदमा 31 दिसंबर 2024 को शुरू हुआ था। अदालत ने 23 गवाहों से पूछताछ की और वीडियो क्लिप की फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) की रिपोर्ट, साथ ही अपराध स्थल का निरीक्षण रिपोर्ट भी ध्यान में रखा। मुकदमे की सुनवाई लगभग सात महीने में पूरी हुई, जो इस तरह के मामलों के लिए काफी तेज़ है।

अधिवक्ता और अगली प्रक्रिया
राज्य की ओर से विशेष लोक अभियोजक बीएन जगदीश और अशोक नाइक ने केस को पेश किया। जबकि प्रज्वल रेवन्ना की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता नलिना मायागौड़ा और अरुण जी पैरवी कर रहे हैं। अदालत ने कल सजा सुनाने की तारीख निर्धारित की है।

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