केंद्र सरकार ने पूनम गुप्ता को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) का नया डिप्टी गवर्नर नियुक्त किया है। उनका कार्यकाल तीन वर्षों का होगा और वह माइकल डी. पात्रा की जगह लेंगी जो जनवरी 2023 में इस पद से सेवानिवृत्त हो गए थे। पूनम गुप्ता की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब 7 से 9 अप्रैल के बीच मौद्रिक नीति समिति की बैठक होने वाली है। इस नियुक्ति को कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने मंजूरी दी है और यह भारतीय अर्थव्यवस्था एवं मौद्रिक नीति के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

जानिए पूनम गुप्ता कौन हैं?

पूनम गुप्ता वर्तमान में नेशनल काउंसिल ऑफ एप्लाइड इकोनॉमिक रिसर्च में महानिदेशक के रूप में कार्यरत हैं। इसके अलावा वह प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद और 16वें वित्त आयोग की सलाहकार परिषद की सदस्य भी हैं। इसके साथ ही वह नीति आयोग की विकास सलाहकार समिति का भी हिस्सा रही हैं और भारत की जी-20 अध्यक्षता के दौरान मैक्रोइकॉनॉमिक्स और व्यापार पर बनी टास्क फोर्स की अध्यक्षता कर चुकी हैं।

वर्ल्ड बैंक और IMF में भी कर चुकी हैं कार्य 

पूनम गुप्ता ने अपने करियर में कई प्रमुख संस्थानों में सेवाएं दी हैं। वह पहले विश्व बैंक में प्रमुख अर्थशास्त्री के रूप में कार्य कर चुकी हैं। इसके अलावा उनका कार्यकाल नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक फाइनेंस एंड पॉलिसी में आरबीआई चेयर प्रोफेसर और इंडियन काउंसिल फॉर रिसर्च ऑन इंटरनेशनल इकोनॉमिक रिलेशंस में प्रोफेसर के रूप में भी रहा है। वह NIPFP और ग्लोबल डेवलपमेंट नेटवर्क (GDN) के बोर्ड में भी कार्यरत हैं साथ ही विश्व बैंक के ‘गरीबी और समानता’ और ‘विश्व विकास रिपोर्ट’ सलाहकार समूहों की सदस्य भी हैं।

शैक्षणिक योग्यता और उपलब्धियां

पूनम गुप्ता ने अर्थशास्त्र में पीएचडी और मास्टर डिग्री अमेरिका के मैरीलैंड विश्वविद्यालय से प्राप्त की है। इसके साथ ही उन्होंने दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से भी अर्थशास्त्र में मास्टर डिग्री हासिल की है। 1998 में उन्हें अंतरराष्ट्रीय अर्थशास्त्र में अपने डॉक्टरेट शोधकार्य के लिए एक्जिम बैंक पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

आरबीआई में डिप्टी गवर्नर की भूमिका

आरबीआई में कुल चार डिप्टी गवर्नर होते हैं जिनमें से दो सेवारत अधिकारी होते हैं एक मौद्रिक नीति विभाग की देखरेख करने वाला अर्थशास्त्री और चौथा वाणिज्यिक बैंकिंग क्षेत्र से आता है। पूनम गुप्ता की नियुक्ति से पहले इस पद को दो महीने तक खाली रखा गया था।

पूनम गुप्ता की सैलरी

आरबीआई के डिप्टी गवर्नर की मासिक सैलरी 2.25 लाख रुपये होती है जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सैलरी 1.66 लाख रुपये से अधिक है। इसके अलावा उन्हें कई अन्य भत्ते और सुविधाएं भी प्रदान की जाती हैं। 2022 में एक आरटीआई के जवाब में आरबीआई ने यह जानकारी साझा की थी।

वहीं कहा जा सकता है कि पूनम गुप्ता की नियुक्ति भारतीय रिजर्व बैंक के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है जो अर्थव्यवस्था और मौद्रिक नीति के संचालन में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकती है।

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