मुजफ्फरनगर। जनपद भर में एक और जहां पुलिस प्रशासन महिलाओं छात्राओं एवं लडकियों की सुरक्षा करने एवं आत्मरक्षा के गुर महिलाओं छात्राओं एवं लडकियों को सिखाने का दावा करते हैं। वही दुसरी और महिलाओं की सुरक्षा में सेंधमारी करने का खेल भी मिली भगत से खेला जा रहा हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार जनपद के थाना चरथाल क्षेत्र के गांव दधेडू में घर से दबंगों द्वारा नाबालिग लडकी को बहला फुसलाकर अपने साथ ले जाने का मामला प्रकाश में आया हैं। पीडित पिता के द्वारा अपनी इज्जत व लडकी की सकुशल बरामदगी को लेेकर दर बदर की ठोकरे खाने को मजूबर हो रहा हैं। ऐसा नहीं कि पीडित ने मदद के लिए पुलिस प्रशासन का दरवाजा नहीं खटखटाया बल्कि सरकारी दफ्तरों का पहरेदार बनकर रह गया, बावजूद इसके इंसाफ की आस दूर दूर तक नहीं हैं। पीडित पिता दर्द आंखों के रास्ते उस समय फूट फूट कर बाहर आया जब उसने पत्रकारों के सामने अपना दर्द बंया किया और पुलिस प्रशासन की नाकामयाबी का बखान किया। पीडित पिता ने बताया कि पुलिस प्रशासन द्वारा कार्यवाही करने का दिखावा किया जा रहा हैं, यदि पुलिस प्रशासन कार्यवाही करता तो अभी तक मेरी बच्ची मेरे साथ मेेरे घर पर होती और सभी तीनों आरोपी शमशाद पुत्र इलियाश, शाहनवाज पुत्र शमशाद एवं मुजम्मिल पुत्र अब्दुल हक उर्फ तोती सलाखों के पीछे होते, मगर अफसोस कि रक्षकों की आंखों पर गुलाबी रंग (रूपयेद्) की पट्टी बंधी हुई हैं। आरोप हैं कि जब तक रक्षकों की आंखों से गुलाबी रंग (रूपयेद्) पट्टी नहीं हटेगी तब तक गरीब को इंसाफ तो दूर की बात हैं इंसाफ के नाम पर आश्वासन भी नहीं मिल पायेगा।
