महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की जान लेने वाली दुखद लीयरजेट विमान दुर्घटना (28 जनवरी) की जांच अब एक नए विवाद के केंद्र में है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार ने इस मामले में विमानन कंपनी VSR वेंचर्स के मालिक वी. के. सिंह की भूमिका और उनके बयानों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। अपराध अन्वेषण विभाग (CID) ने हाल ही में VSR वेंचर्स के मालिक वी. के. सिंह से पूछताछ कर उनका बयान दर्ज किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सिंह ने कथित तौर पर इस दुर्घटना के लिए पायलट की गलती को जिम्मेदार ठहराया है। इसी दावे पर रोहित पवार ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।

अपराध अन्वेषण विभाग (सीआईडी) के एक ​​अधिकारी ने कोई विस्तृत जानकारी दिए बिना कहा था कि सीआईडी ने पिछले सप्ताह सिंह से पूछताछ की और उनका बयान दर्ज किया। सीआईडी ​​ने सिंह से पूछताछ के संबंध में कोई बयान जारी नहीं किया है। वीएसआर वेंचर्स द्वारा संचालित एक लीयरजेट 45 विमान 28 जनवरी को पुणे जिले के बारामती हवाई पट्टी के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस घटना में अजित पवार और चार अन्य लोगों की मृत्यु हो गई थी।

मीडिया के एक वर्ग ने सीआईडी को दिए सिंह के कथित बयान का जिक्र किया था। रोहित पवार ने मीडिया के एक वर्ग में आए सिंह के इसी कथित बयान का हवाला देते हुए सोमवार को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘ब्लैक बॉक्स में वास्तव में क्या रिकॉर्ड हुआ था, यह अब तक सामने नहीं आया है। अगर ऐसा है, तो वीएसआर कंपनी के मालिक वी के सिंह को दुर्घटना के कुछ ही समय बाद कैसे पता चला कि यह पायलट की गलती थी?’’

उन्होंने कहा, ‘‘अगर यह सज्जन कह रहे हैं कि गलती पायलट की थी और इस मामले से अपना पल्ला झाड़ रहे हैं, तो ऐसा लगता है कि वह खुद को इससे दूर रखते हुए दोष किसी और पर डालने की कोशिश कर रहे हैं।’’ राकांपा (शप) विधायक ने कहा कि जब तक अधिकारी विमान दुर्घटना के बारे में ठोस और विश्वसनीय जानकारी जारी नहीं करते, तब तक लोगों को किसी भी चर्चा या निराधार दावों पर विश्वास नहीं करना चाहिए। विधायक ने बताया कि कभी रिपोर्ट में कहा जाता है कि विमान का ‘ब्लैक बॉक्स’ जल गया है, जबकि कभी दावा किया जाता है कि डेटा बरामद कर लिया गया है। उन्होंने कहा, ‘‘जांच एजेंसियां ​​इस मामले पर पूरी तरह से चुप्पी साधे हुए हैं।

हैरानी की बात यह है कि इतनी बड़ी दुर्घटना के बावजूद CID ने वी. के. सिंह से हुई पूछताछ को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। रोहित पवार का मानना है कि इस ‘चुप्पी’ से जनता के मन में संदेह पैदा हो रहा है। यह मामला अब केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन चुका है। क्या ब्लैक बॉक्स का सच कभी सामने आएगा या यह फाइलों में ही दफन हो जाएगा?

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Verified by MonsterInsights