जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने साफ कर दिया है कि अब आतंकवाद किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस हमले में 26 निर्दोष लोगों की जान चली गई और कई घायल हुए। भारत ने पाकिस्तान को इसका सीधा जिम्मेदार ठहराया है। तभी से दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा हुआ है और पाकिस्तान लगातार मिसाइल परीक्षण कर रहा है। पाकिस्तान ने सोमवार 5 मई को सतह से सतह पर मार करने वाली ‘फतह’ मिसाइल का सफल परीक्षण करने का दावा किया है। इस मिसाइल की मारक क्षमता 120 किलोमीटर बताई गई है। पाकिस्तान की सेना के मीडिया विंग इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) ने यह जानकारी दी है। यह परीक्षण “Ex INDUS” अभ्यास के हिस्से के रूप में किया गया। इससे ठीक तीन दिन पहले, शनिवार को पाकिस्तान ने ‘अब्दाली’ मिसाइल का भी परीक्षण किया था, जिसकी मारक क्षमता 450 किलोमीटर है। यह भी एक सतह से सतह पर मार करने वाली बैलिस्टिक मिसाइल है।

भारत ने दिया कड़ा संदेश
भारत सरकार ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद सख्त रुख अपनाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की सुरक्षा समिति (CCS) की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। भारत ने 1960 की सिंधु जल संधि को अस्थायी रूप से रोकने का निर्णय लिया है। यह तब तक लागू नहीं होगी जब तक पाकिस्तान आतंकवाद के समर्थन को विश्वसनीय तरीके से बंद नहीं करता।

कूटनीतिक मोर्चे पर भी बड़ा कदम
भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कूटनीतिक दबाव भी बढ़ा दिया है। पाकिस्तान उच्चायोग के कई अधिकारियों को देश छोड़ने का आदेश दे दिया गया है। इसके अलावा अटारी बॉर्डर से होने वाले आवागमन को भी सीमित कर दिया गया है। भारत ने सार्क वीजा छूट योजना (SVES) के तहत दिए गए वीजा रद्द कर दिए हैं और पाकिस्तानी नागरिकों के लिए वीजा सेवाएं भी निलंबित कर दी हैं।

भारत ने बताया- उकसावे वाली हरकत
3 मई को सूत्रों ने न्यूज एजेंसी ANI को बताया कि पाकिस्तान का यह मिसाइल परीक्षण एक “लापरवाह उकसावे” की कार्रवाई है। भारत का कहना है कि ऐसे अस्थिर समय में मिसाइल टेस्ट करना तनाव को और भड़काने की कोशिश है, जो यह दिखाता है कि पाकिस्तान घबराहट में कदम उठा रहा है।

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