महाराष्ट्र के सोलापुर से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. जानकारी के मुताबिक, सोलापुर की प्रतिष्ठित मुल्तानी बेकरी के पूर्व मालिक सुनील मोतीलाल सदारंगानी (59) ने गुरुवार दोपहर कथित तौर पर एक अपार्टमेंट इमारत की 17वीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली. यह घटना शहर के विजयपुर रोड इलाके में हुई, जिससे स्थानीय व्यापारिक हलकों में शोक की लहर दौड़ गई.
पुलिस के अनुसार, सदारंगानी पिछले कुछ वर्षों से पुणे में रह रहे थे. गुरुवार को दोपहर करीब 2.30 बजे वह सोलापुर स्थित एक ऊंची अपार्टमेंट में पहुंचे. उन्होंने अपनी कार पार्क की और बायोमेट्रिक एंट्री से बचने के लिए सीढ़ियों का इस्तेमाल करते हुए सीधे ऊपरी मंजिल की ओर चले गए. सीसीटीवी और प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, शुरुआत में वह छत के किनारे टहलते नजर आए.
मानसिक तनाव और आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे सदारंगानी
इमारत के एक सुरक्षा गार्ड ने जब उन्हें छत पर देखा तो उन्हें नीचे 10वीं मंजिल तक ले जाकर समझाने की कोशिश की. हालांकि, सदारंगानी ने गार्ड से कहा कि वह अपनी कार की चाबियां नीचे भूल आए हैं और उसे वापस लौटने को कहा. इसके बाद वह फिर से छत की ओर चले गए. पुलिस का कहना है कि जब तक सुरक्षा गार्ड दोबारा ऊपर पहुंचा, तब तक सदारंगानी ने छलांग लगा दी थी. उनकी मौके पर ही मौत हो गई.
पुलिस ने कार के रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर उनकी पहचान की पुष्टि की. सोलापुर के पुलिस आयुक्त एम. राजकुमार ने बताया कि मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है और शुरुआती जांच में किसी तरह की साजिश या गड़बड़ी के संकेत नहीं मिले हैं. उन्होंने कहा कि परिवार ने हमें बताया है कि सुनील सदारंगानी मानसिक तनाव और आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे थे. वे कर्ज के दबाव में थे. फिलहाल परिवार गहरे सदमे में है, इसलिए उनके बयान दर्ज किए जाने बाकी हैं.
परिजनों और करीबी सूत्रों के अनुसार, सदारंगानी सिंधी समुदाय से ताल्लुक रखते थे. उनके पिता मोतीलाल सदारंगानी ने मुल्तानी बेकरी की नींव रखी थी, जो समय के साथ सोलापुर की पहचान बन गई. परिवार एक आटा मिल भी चलाता था. पिता के निधन के बाद सुनील ने कारोबार संभाला, लेकिन आर्थिक संकट के चलते कुछ वर्ष पहले बेकरी बेचनी पड़ी. इसके बाद वह पुणे चले गए थे. जानकारी के अनुसार, उनके दो बेटे हैं एक विदेश में रहता है, जबकि दूसरा पुणे में है. सदारंगानी का अंतिम संस्कार शुक्रवार शाम सोलापुर में किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में रिश्तेदार, परिचित शामिल हुए.
