पंजाब के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले हजारों विद्यार्थियों की स्कॉलरशिप (वजीफा) अधर में लटक गई है। इसका मुख्य कारण विद्यार्थियों के बैंक खातों की आधार सीडिंग प्रक्रिया का पूरा न होना है। इस गंभीर मामले को लेकर डायरैक्टर स्कूल शिक्षा (सैकेंडरी) पंजाब द्वारा राज्य के सभी डिप्टी कमिश्नर्स को एक महत्वपूर्ण पत्र जारी किया गया है।शिक्षा विभाग द्वारा जारी पत्र के अनुसार, भारत सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत साल 2022-23 से 2025-26 तक की प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप फॉर एस.सी. तथा अन्य पिछड़ा वर्ग (ओ.बी.सी., ई.बी.सी., डी.एन.टी.) के विद्यार्थियों को दी जाने वाली राशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जानी है। केंद्र सरकार के सख्त दिशा-निर्देशों के मुताबिक, वजीफे का भुगतान केवल उन्हीं खातों में किया जा सकता है जो आधार कार्ड से लिंक (सीडिंग) हों।

कई बार चेतावनी के बावजूद काम अधूरा
हैरानी की बात यह है कि शिक्षा विभाग के मुख्य दफ्तर की ओर से सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (स) को इस संबंध में कई बार पत्र लिखे जा चुके हैं लेकिन अभी भी बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की आधार सीडिंग पैंडिंग है। इसकी सूचियां विभाग द्वारा पहले ही जिला शिक्षा अफसर और स्कूल स्तर पर उपलब्ध करवाई जा चुकी हैं। आधार सीडिंग न होने के कारण पात्र विद्यार्थियों को वजीफा नहीं मिल पा रहा है जो उनके शैक्षणिक विकास में बाधा बन रहा है।

डी.सी. और बैंक मैनेजरों को दखल देने के निर्देश
मामले की गंभीरता को देखते हुए विभाग ने सभी डिप्टी कमिश्नर्स से अपील की है कि वे इस मुद्दे को जिला शिक्षा अफसर (स) और लीड बैंक मैनेजर के साथ होने वाली मासिक मीटिंग में प्रमुखता से विचारें। विभाग ने निर्देश दिए हैं कि बैंक अधिकारियों के साथ तालमेल बिठाकर आधार सीडिंग के काम को जल्द से जल्द पूरा करवाया जाए, ताकि योग्य विद्यार्थियों के खातों में रुकी हुई स्कॉलरशिप की राशि तुरंत ट्रांसफर की जा सके।

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