पंचायत चुनाव से पहले पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध हथियार फैक्ट्री का खुलासा किया है। इस मामले में 5 तस्करों सहित 7 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। यह फैक्ट्री गांव बावनखेड़ी अड्डे के पास बंद पड़े एक जिम के ऊपर लगे सोलर पैनल के नीचे छुपाकर चलाई जा रही थी। पुलिस ने यहां से बड़ी मात्रा में बने और अधबने हथियार बरामद किए हैं। इस सफलता के लिए एसपी अमित कुमार आनंद ने पुलिस टीम को 25 हजार रुपए नकद पुरस्कार भी दिया है।

पुलिस ने किया अवैध हथियार फैक्ट्री का भंडाफोड़, 2 गिरफ्तार
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, बीते मंगलवार दोपहर को एसपी ने बताया कि सूचना मिलने पर पुलिस ने शादाब अली और सुमित कुमार को गिरफ्तार किया है, जो गांव माछरा भगवानपुर के रहने वाले हैं। इनके कब्जे से 1 रिवाल्वर (देशी 32 बोर), 5 तमंचे (315 बोर), 1 तमंचा (12 बोर), एक अधबना तमंचा (315 बोर), 50 बिना मार्का कारतूस और हथियार बनाने के उपकरण बरामद हुए हैं। पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि वे अवैध हथियार बनाकर दीपक (मंझौला), वंश उर्फ गोलू (सरकड़ा), गौरव (रतनपुर कला), नागेंद्र (सूदनपुर), और अंकुश (हाफिजपुर) को बेचते थे। इन हथियारों को पंचायत चुनाव के लिए रखा गया था। इस मौके पर सीओ दीप कुमार पंत भी मौजूद थे।

तस्करों समेत 5 गिरफ्तार, चुनाव से पहले  कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
बताया जा रहा है कि सुमित ग्रेजुएट है और रेलवे भर्ती की तैयारी कर रहा था, लेकिन पैसे के लालच में इस काम में जुड़ गया। शादाब अली 8वीं कक्षा तक पढ़ा-लिखा है। दोनों अपने परिचितों को हथियार 3 से 5 हजार रुपए में बेचते थे। पुलिस ने आरोपितों से हथियार खरीदने वाले तस्करों के नाम भी पता लगाए। गजरौला, रजबपुर और डिडौली पुलिस ने उन पांच तस्करों को गिरफ्तार किया, जिनके पास से पांच तमंचे और 12 जिंदा कारतूस बरामद हुए। यह पहला मौका नहीं है जब इस इलाके में अवैध हथियार फैक्ट्री पकड़ी गई हो। इससे पहले भी कई बार ऐसी फैक्ट्री पकड़ी जा चुकी है, जिनमें 2024 में डिडौली, 2020 और 2014 में आदमपुर, दो साल पहले सैदनगली और रहरा इलाके में छुपी फैक्ट्री शामिल हैं। यह कार्रवाई पंचायत चुनाव से पहले सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

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