नई दिल्ली। केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने बृहस्पतिवार को न्यूयॉर्क टाइम्स (एनवाईटी) के अध्यक्ष ए.जी. सुल्जबर्गर को उनके दावों के लिए आड़े हाथों लिया कि भारत में पत्रकारों से आतंकवादियों जैसा व्यवहार किया जाता है।
बुधवार को विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस पर संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) के एक कार्यक्रम में बोलते हुए सुल्जबर्गर ने कहा, भारत में अधिकारियों ने समाचार कक्षों पर छापे मारे हैं और पत्रकारों को आतंकवादी सरीखा माना है। ठाकुर ने जोर देकर कहा कि किसी भी गलत काम के मामले में भारत में कानून ने अपना काम किया है और मीडिया संगठन होने की स्थिति का हवाला देते हुए कोई भी रियायत का दावा नहीं कर सकता है।
उन्होंने ट्विटर पर लिखा, “भारत में कानून अपना काम करता है अगर कोई कुछ गलत करता है, न्यूजरूम हो या नहीं। न्यूजरूम के दर्जे का दावा करने मात्र से गैरकानूनी कार्यों की छूट नहीं मिलती है।” ठाकुर ने आश्चर्य जताया कि कोई भी जांच प्रेस पर हमले के बराबर कैसे हो जाती है। मंत्री ने पूछा, “क्या यह कहना बुद्धिमानी है कि भारत में पत्रकारों को आतंकवादी माना जाता है?” उन्होंने एनवाईटी पर भारत को “बदनाम करने का अभियान” चलाने और “तथ्यों को तोड़-मरोड़ने” के लिए यूनेस्को के मंच का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया।
ठाकुर ने ट्वीट किया, “भारत के वैश्विक उत्थान और उसके आर्थिक महाशक्ति में तब्दील होने को पचाने में असमर्थ, दुनिया के कुछ पुराने मीडिया घराने भारत के खिलाफ एक व्यवस्थित दुष्प्रचार अभियान चला रहे हैं।” उन्होंने कहा, “एनवाईटी, जिसने तथ्य-मुक्त और मनगढ़ंत भारत-विरोधी कहानियां लिखने के लिए अपनी अलग जगह बनाई है, ने बेशर्मी से तथ्यों को विकृत करने के लिए यूनेस्को के मंच का दुरुपयोग किया।”