महाकुंभ में ममता कुलकर्णी के किन्नर अखाड़े के महामंडलेश्वर बनने के बाद से ही विवाद जारी है। महामंडलेश्वर बनने के बाद अखाड़े और सभी साधु-संतों ने इसका विरोध किया था, जिसके बाद महज सात दिनों में ही महामंडलेश्वर के पद से उन्हें हटा दिया गया। यह विवाद अभी थमने का नाम नहीं ले रहा। अब ममता कुलकर्णी और बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री आमने-सामने आ गए है।
‘वे अपने गुरु रामभद्राचार्य से पूछें मैं कौन हूं…’
ममता कुलकर्णी को महामंडलेश्वर बनाए जाने पर विरोध शुरू हो गया था। किन्नर अखाड़े के संस्थापक होने का दावा करने वाले ऋषि अजय दास, बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री और योग गुरु बाबा रामदेव ने इस पर खुलकर आपत्ति जताई। विरोधियों का कहना था कि संतत्व और महामंडलेश्वर की उपाधि किसी को भी आसानी से नहीं दी जा सकती, इसके लिए वर्षों की साधना आवश्यक होती है। वहीं, अब ममता कुलकर्णी ने धीरेंद्र शास्त्री पर निशाना साधते हुए कहा, “धीरेंद्र शास्त्री की उम्र जितनी है, उतनी मैंने तपस्या की है। वे अपने गुरु रामभद्राचार्य से पूछें कि मैं कौन हूं और फिर चुपचाप बैठ जाएं।”
ममता कुलकर्णी ने बाबा रामदेव को भी चेतावनी देते हुए कहा, “बाबा रामदेव को महाकाल और महाकाली से डरना चाहिए। मैं उन्हें उनके ही ऊपर छोड़ती हूं।”
महाकुंभ में लौटने के बाद ममता कुलकर्णी की एक नई तस्वीर सामने आई, जिसमें उनका पूरा चेहरा भस्म से पुता हुआ दिख रहा था। उन्होंने भस्म का श्रृंगार कर अमृत स्नान किया। इस दौरान किन्नर अखाड़े की आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने उन्हें आशीर्वाद भी दिया।