राकांपा (शरद चंद्र पवार) अध्यक्ष शरद पवार (Sharad Pawar) ने शनिवार को कहा कि ‘‘वोट चोरी’’ पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी की प्रस्तुति अच्छी तरह से शोध एवं दस्तावेजों पर आधारित थी तथा इस मामले की जांच करना निर्वाचन आयोग (ईसीआई – ECI) का काम है।

पवार ने यहां एक प्रेसवार्ता में स्वीकार किया कि विपक्षी महा विकास आघाड़ी को महाराष्ट्र में चुनाव से पहले अधिक सावधान रहना चाहिए था। उन्होंने कहा, ‘‘हमें पहले ही इस पर गौर करना चाहिए था और सावधानी बरतनी चाहिए थी।’’

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को एक ‘‘संस्थागत चोरी’’ बताया है और दावा किया है कि निर्वाचन आयोग गरीबों के मताधिकार को छीनने के मकसद इस ‘‘चोरी’’ को अंजाम देने के लिए भाजपा के साथ ‘‘खुलेआम साठगांठ’’ कर रहा है।

पवार ने कहा कि गांधी ने विस्तृत सबूतों के साथ अपनी प्रस्तुति (प्रेजेंटेशन) दिया था। उन्होंने कहा, ‘‘निर्वाचन आयोग को इस पर गौर करना चाहिए।’’

पवार ने इस बात पर खेद जताया कि राहुल गांधी द्वारा आयोजित रात्रिभोज में शिवसेना (उबाठा) अध्यक्ष उद्धव ठाकरे के बैठने की जगह एक अनावश्यक विवाद बन गई है।

उन्होंने कहा, ‘‘एक पावरपॉइंट ‘प्रेजेंटेशन’ था। जब हम स्क्रीन पर कोई फिल्म देखते हैं, तो हम आगे नहीं, बल्कि पीछे बैठते हैं। फ़ारूक अब्दुल्ला और मैं पीछे बैठे थे। इसी तरह, उद्धव ठाकरे और कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया भी प्रेजेंटेशन ठीक से देखने के लिए पीछे बैठे थे।’’ 

उन्होंने कहा कि विपक्ष ने नौ सितंबर को होने वाले उपराष्ट्रपति चुनाव पर अभी अपना रुख तय नहीं किया है। पवार ने अपने भतीजे अजित पवार के नेतृत्व वाली सत्तारूढ़ राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के साथ अपने गुट के हाथ मिलाने की अटकलों को भी खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, ‘‘हम कभी भी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले गठबंधन के साथ हाथ नहीं मिलायेंगे।’’

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Verified by MonsterInsights