प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि भारत जल्द ही दुनिया की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो जाएगा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), सेमीकंडक्टर एवं ‘क्वांटम कंप्यूटिंग’ संबंधी इसके मिशन विकास के नए इंजन बन रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को प्रवासी भारतीयों की एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि भारत आज अवसरों की भूमि है और इसके विकास एवं प्रगति का लाभ ‘‘सर्वाधिक जरूरतमंदों’’ तक पहुंच रहा है।

उन्होंने कहा, ‘‘नये भारत के लिए आकाश भी सीमा नहीं है।’’

प्रधानमंत्री पांच देशों के अपने दौरे के दूसरे चरण में दो दिवसीय यात्रा के तहत बृहस्पतिवार को त्रिनिदाद एवं टोबैगो पहुंचे। यह 1999 के बाद से किसी भारतीय प्रधानमंत्री की इस कैरेबियाई द्वीप राष्ट्र की पहली द्विपक्षीय यात्रा है।


त्रिनिदाद एवं टोबैगो की प्रधानमंत्री कमला प्रसाद-बिसेसर, उनके मंत्रिमंडल के सदस्यों, सांसदों और कई अन्य गणमान्य व्यक्तियों सहित 4,000 से अधिक लोग इस कार्यक्रम में शामिल हुए।

मोदी ने अपने संबोधन के दौरान त्रिनिदाद एवं टोबैगो में रह रहे भारतीय समुदाय की प्रशंसा करते हुए कहा, ‘‘उन्होंने अपनी धरती छोड़ दी लेकिन अपनी आत्मा नहीं छोड़ी।’’

उन्होंने कहा, ‘‘उन्होंने गंगा और यमुना को पीछे छोड़ दिया लेकिन अपने दिलों में रामायण को ले गए। उन्होंने अपनी मिट्टी छोड़ी लेकिन अपनी आत्मा नहीं। वे सिर्फ प्रवासी नहीं थे। वे एक शाश्वत सभ्यता के संदेशवाहक थे।’’

उन्होंने कहा, ‘‘उनके योगदान से इस देश को लाभ हुआ है – सांस्कृतिक, आर्थिक और आध्यात्मिक रूप से। इस खूबसूरत देश पर आप सभी का जो प्रभाव है, उसे देखिए।’’


मोदी ने कहा कि वह अयोध्या स्थित राम मंदिर की प्रतिकृति और सरयू नदी का कुछ जल लेकर आए हैं। 

उन्होंने कहा, ‘‘आप सभी जानते हैं कि इस साल की शुरुआत में दुनिया का सबसे बड़ा आध्यात्मिक समागम महाकुंभ हुआ था। मुझे महाकुंभ का जल भी अपने साथ लाने का सौभाग्य मिला।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मैं कमला जी (प्रधानमंत्री) से अनुरोध करता हूं कि वह सरयू नदी और महाकुंभ के पवित्र जल को यहां गंगा धारा में अर्पित करें। कामना है कि यह पवित्र जल यहां के लोगों के जीवन में खुशहाली लाए।’’

मोदी ने कहा कि भारत गिरमिटिया समुदाय का एक व्यापक डेटाबेस बनाने की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रहा है। 


गिरमिटिया ब्रिटिश शासन के दौरान भारत से लाए गए बंधुआ मजदूर थे जिन्हें फिजी, दक्षिण अफ्रीका, मॉरीशस और कैरेबियाई देशों के बागानों में काम करने के लिए लाया गया था।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में भारतीय अर्थव्यवस्था के लचीलेपन और इसके विकास पर प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा, ‘‘भारत दुनिया की सबसे तेजी से विकास करती प्रमुख अर्थव्यवस्था है। हम जल्द ही दुनिया की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो जाएंगे। भारत के विकास और प्रगति का लाभ सर्वाधिक जरूरतमंद लोगों तक पहुंच रहा है।’’

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने दिखाया है कि गरीबों को सशक्त बनाकर गरीबी को हराया जा सकता है और करोड़ों लोगों में पहली बार यह विश्वास पैदा हुआ है कि देश को गरीबी से मुक्त किया जा सकता है। 

मोदी ने कहा कि भारत के विकास को उसके ‘‘नवोन्मेषी और ऊर्जावान’’ युवा गति दे रहे हैं। 

उन्होंने कहा, ‘‘भारत आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप केंद्र है। इनमें से लगभग आधे स्टार्टअप में निदेशक के रूप में महिलाएं हैं। लगभग 120 स्टार्टअप को ‘यूनिकॉर्न’ का दर्जा मिला है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘एआई, सेमीकंडक्टर और ‘क्वांटम कंप्यूटिंग’ के लिए राष्ट्रीय मिशन विकास के नए इंजन बन रहे हैं। नवोन्मेष एक तरह से जन आंदोलन बन रहा है।’’

मोदी ने भारत के ‘यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस’ (यूपीआई) को भी प्रदर्शित करते हुए कहा कि इसने डिजिटल भुगतान में क्रांति ला दी है।

उन्होंने कहा, ‘‘दुनिया के लगभग 50 प्रतिशत त्वरित डिजिटल लेनदेन भारत में होते हैं। मैं त्रिनिदाद एवं टोबैगो को यूपीआई अपनाने वाला इस क्षेत्र का पहले देश बनने के लिए बधाई देता हूं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘अब पैसे भेजना मोबाइल पर ‘सुप्रभात’ का संदेश भेजने जितना आसान होगा और मैं वादा करता हूं कि यह वेस्टइंडीज की गेंदबाजी से भी तेज होगा।’’

प्रधानमंत्री ने बुनियादी ढांचे, रक्षा और विनिर्माण के क्षेत्र में भारत के तीव्र विकास और परिवर्तन को भी रेखांकित किया।

इससे पहले, प्रधानमंत्री मोदी घाना की अपनी दो दिवसीय यात्रा संपन्न करने के बाद बृहस्पतिवार को त्रिनिदाद एवं टोबैगो पहुंचे जहां पियार्को अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर प्रसाद-बिसेसर ने उनका स्वागत किया। मोदी का औपचारिक स्वागत करने के बाद उन्हें ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया गया। 

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