मुजफ्फरनगर। फैलते नशे के अवैध कारोबार को लेकर क्रांतिसेना और शिवसेना ने एकजुट होकर प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है। गुरुवार को दोनों संगठनों के एक संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी उमेशचंद्र मिश्रा से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा और जनपद में फैले नशा कारोबार के खिलाफ कठोर कदम उठाने की मांग की।

प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि नशीली दवाओं, इंजेक्शनों और अन्य नशीले पदार्थों का कारोबार अब मोहल्लों, गली-कस्बों और बाजारों तक फैल गया है। स्थिति इतनी भयावह हो चुकी है कि स्कूल-कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र, यहां तक कि छोटे बच्चे भी नशे की गिरफ्त में आ रहे हैं। प्रतिनिधियों ने कहा कि नशा माफिया बेरोजगार युवाओं को झांसे में लेकर उनके नाम से मेडिकल स्टोर का लाइसेंस बनवा रहे हैं, और फिर उसी लाइसेंस का इस्तेमाल कर खुद नशीली दवाओं का व्यापार कर रहे हैं। पकड़े जाने की स्थिति में केवल लाइसेंसधारी को जेल भेजा जाता है जबकि असली माफिया बच निकलता है।

उन्होंने जिलाधिकारी से इस पूरे नेटवर्क की उच्च स्तरीय जांच कराने, दोषियों को जेल भेजने और निर्दोष लोगों को न्याय दिलाने की मांग की। इसके साथ ही गली-मोहल्लों में खुले मेडिकल स्टोर, पान दुकानों और परचून की दुकानों की नियमित जांच कराने पर भी जोर दिया गया, जहां नशे का सामान खुलेआम बेचे जाने का आरोप है।

जिलाधिकारी उमेशचंद्र मिश्रा ने प्रतिनिधिमंडल को कार्रवाई का आश्वासन देते हुए बताया कि वह इस गंभीर मुद्दे पर तुरंत संज्ञान लेंगे और संबंधित अधिकारियों से बात कर सख्त कदम उठाएंगे। उन्होंने मौके पर ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से फोन पर वार्ता की।

प्रतिनिधिमंडल में प्रमोद अग्रवाल (मंडल अध्यक्ष), शरद कपूर (क्रांतिसेना जिला अध्यक्ष), मुकेश त्यागी (शिवसेना जिला प्रमुख), बिट्टू सिखेड़ा, देवेंद्र चौहान (महानगर अध्यक्ष), पूनम अग्रवाल (महिला मोर्चा मंडल अध्यक्ष), पूनम चौधरी (महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष), संजीव वर्मा (जिला उपाध्यक्ष), शैलेंद्र विश्वकर्मा चौधरी, पूनम चाहल, भुवन मिश्रा, अभिषेक शर्मा और निकुंज चौहान शामिल रहे।

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