सहारनपुर(मनीष अग्रवाल)। नगरायुक्त ग़ज़ल भारद्वाज ने सोमवार सुबह गैराज का निरीक्षण किया। उन्होंने वाहन संचालन के लिए गैराज द्वारा तेल दिये जाने का विवरण ठीक से न रखने और वाहनों का मूवमेंट रजिस्टर न रखने पर जेडएसओ को जबरदस्त फटकार लगायी और उनका वेतन रोकने के निर्देश दिए। नगरायुक्त ने नये-पुराने वाहनों व खराब वाहनों की संख्या तथा कितने वाहन गैराज में ंकब से खडे़ हैं इसका हिसाब-किताब भी तलब किया।

नगरायुक्त ग़ज़ल भारद्वाज आज सुबह करीब साढे़ दस बजे अपर नगरायुक्त राजेश यादव व सहायक नगरायुक्त/नगर स्वास्थय अधिकारी अशोक प्रिय गौतम के साथ गैराज निरीक्षण के लिए पहुंची। नगरायुक्त ने जानना चाहा कि निगम के जो वाहन संचालित किये जा रहे है, उन्हें किस आधार पर तेल दिया जा रहा है। जेडएसओ ने बताया कि वाहनों को उनके चक्कर के हिसाब से तेल दिया जाता है और वाहनों को तेल देने के लिए जो इंडेट काटा जाता है वह वाहन नंबर के साथ कम्पयूटर में चढ़ाया जाता है। नगरायुक्त द्वारा जब कम्यूटर का रिकॉर्ड मांगा गया तो उन्हें बताया गया कि 5 जनवरी से बाद का रिकॉर्ड कम्पयूटर में वायरस आ जाने के कारण उड़ गया है। जेडएसओ वाहनों का मूवमंेट रजिस्टर भी नहीं दिखा सके। इस पर नगरायुक्त ने जेडएसओ की कार्यप्रणाली पर प्रश्न चिह्न लगाते हुए लापरवाही के लिए जमकर फटकार लगायी और अधिकारियों को उनका वेतन रोकने के निर्देश दिए। नगरायुक्त ने सम्बंधित ऑपरेटर को भी लताड़ते हुए पूछा कि कम्पयूटर में वायरस कैसे आया? ऑपरेटर का कहना था कि एंटी वायरस एक्सपायर हो गया है। नगरायुक्त ने कहा, एंटी वायरस डलवाने की जिम्मेदारी किसकी है? उन्होंने ऑपरेटर के खिलाफ भी कार्रवाई के आदेश दिए। नगरायुक्त ने गैराज में खडे़ सभी वाहनों के निरीक्षण के दौरान कुल वाहनों और खराब वाहनों की संख्या की जानकारी लेते हुए कहा कि दो माह से ज्यादा कोई भी वाहन गैराज में खड़ा न रहे, वाहनों को रोटेªट कर चलाएं ताकि वे खराब न हों। उन्होंने स्पष्ट कहा कि गैराज में किसी भी वाहन या रेहड़े को खड़ा कर उसे खराब न किया जाए। उन्होंने एक स्क्रैप स्टोर तथा स्क्रैप रजिस्टर बनाने के निर्देश देते हुए स्क्रैप कहां से आता है तथा पुराने वाहनों या रेहड़ों आदि का क्या किया जाता है, इसकी भी विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने गैराज में खडे़ सभी रेहड़ों को कूड़ा कलेक्शन में लगे कर्मचारियों को आवंटित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी सिक्स बिन्स रेहड़ों के लिए कूड़ा कलेक्शन करने वाले कर्मचारियों को आईटीसी के सहयोग से प्रशिक्षण देने का सुझाव भी दिया।

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