सुशांत गोल्फ सिटी क्षेत्र स्थित बिरला ओपेन माइंड इंटरनेशनल स्कूल को बम से उड़ाने की धमकी का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस के मुताबिक, महाराष्ट्र के दो बच्चों ने धमकी दी थी। एटीएस और पुलिस ई-मेल के आईपी एड्रेस से जांच करते हुए इन तक पहुंची। पुलिस अफसरों ने दावा किया है कि दोनों बच्चों की उम्र महज 10-12 वर्ष है। ये लोग मोबाइल में गेमिंग एप पर बेटिंग (सट्टा) खेलने के आदी हैं। गेम खेलने के दौरान ही इन लोगों से धमकी का मेल स्कूल की इन्क्वायरी सेल पर फारवर्ड हो गया था। खुलासा होने पर पुलिस ने बच्चों और उनके अभिभावकों को बुला कर पूछताछ की। फिर चेतावनी दी कि बच्चों पर निगरानी रखिये कि वह क्या कर रहे हैं।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, डीसीपी दक्षिणी तेज स्वरूप सिंह ने बताया कि दोनों बच्चे निर्दोष मिले हैं। इनसे जब पूछा गया तो इन्हें पता ही नहीं था कि उनसे कौन सा मैसेज 10 मई को स्कूल के लिये फारवर्ड हो गया है। बिरला स्कूल की तरफ से एफआईआर भी दर्ज करायी गई थी। एटीएस की टीम भी पता करने में लगी थी। दोनों बच्चे नाबालिग हैं, इसलिये इनके खिलाफ कार्रवाई भी नहीं बनती है।
डीसीपी ने कई सवालों का गोलमोल जवाब दिया। पुलिस यह नहीं बता सकी कि गेमिंग एप पर स्कूलों को बम से उड़ाने की धमका का मैसेज कैसे आ गया…। स्कूल की मेल आईडी महाराष्ट्र के बच्चों को कैसे मिली…। गेम चैटिंग एप से ऐसा मेल फारवर्ड होने का पहला मामला सामने आया है। पुलिस ने यह जरूर कहा कि कुछ बिन्दुओं पर पड़ताल जारी है।
डीसीपी तेज स्वरूप ने अभिभावकों से अपील की है कि वह छोटे बच्चों की दिनचर्या पर निगरानी रखे। छोटी सी उम्र में बच्चे मोबाइल पर गेमिंग एप के जरिये सट्टा लगाने लगे हैं। बिरला स्कूल को धमकी मामले में जिन बच्चों से अनजाने में ऐसा हुआ, उन्हें पता ही नहीं कि उनसे क्या हो गया था। किस तरह एक ई-मेल से हड़कम्प मच गया था। डॉ. समर्थ गुप्ता कहते हैं कि सोशल मीडिया पर अजीबोगरीब चीजें भी है। कई में झूठी बातों का समावेश भी होता है।

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