सरकारी दून मेडिकल कॉलेज की प्रिंसिपल गीता जैन ने सोमवार को कहा कि रैगिंग की घटना में वरिष्ठ छात्रों द्वारा एमबीबीएस 2025 बैच के एक छात्र पर हमले के मामले में जांच पूरी होने और रिपोर्ट तैयार होने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। एएनआई से विशेष बातचीत में उन्होंने कहा कि कॉलेज में ऐसी घटनाओं के प्रति ज़ीरो टॉलरेंस नीति है। जांच जारी है, हम आज ही रिपोर्ट पेश करेंगे। सरकारी दून मेडिकल कॉलेज पूरी तरह से रैगिंग-मुक्त क्षेत्र है और रैगिंग के प्रति हमारी ज़ीरो टॉलरेंस नीति है। हम दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे। दोषियों के खिलाफ की गई कार्रवाई के बारे में उन्होंने कहा कि उन्हें तत्काल निलंबित कर दिया गया है और अब समिति की सिफारिशों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

आज सुबह उत्तराखंड के चिकित्सा शिक्षा निदेशक अजय आर्य ने भी रैगिंग की घटना की निंदा की और आश्वासन दिया कि जांच जारी है और उन्हें आज शाम तक रिपोर्ट मिल जाएगी। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में मिली जानकारियों के आधार पर आरोपियों को उचित दंड दिया जाएगा। जांच के बाद ही मामला स्पष्ट होगा। प्रधानाचार्य से बात करने के बाद ही मुझे पता चला कि यह रैगिंग का मामला है। रैगिंग बिल्कुल नहीं होनी चाहिए। मामले की जांच जारी है और इसके पूरा होने के बाद आरोपियों को कानून के दायरे में उचित दंड दिया जाएगा। हर कॉलेज में एक रैगिंग समिति होती है जो अधिकारियों और अस्पतालों के साथ पूरी तरह संपर्क में रहती है और कोई भी छात्र अपनी समस्याओं पर उनसे चर्चा कर सकता है। हम राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के दिशानिर्देशों का पालन करते हैं।

गौरतलब है कि 12 जनवरी को दो वरिष्ठ छात्रों ने एक कनिष्ठ छात्र को बेल्ट से पीटा था। छात्र ने प्रशासन को लिखित शिकायत में बताया कि घटना के बाद से वह मानसिक रूप से परेशान है और डर के साए में जी रहा है। कॉलेज की रैगिंग विरोधी समिति और प्रशासन ने अनुशासनहीनता के दोषी पाए गए 24 छात्रों पर जुर्माना लगाया है। समिति द्वारा घटना की जांच की जा रही है।

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