केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) का कहना है कि देश के विभिन्न हिस्सों में 25 स्थानों पर बाढ़ की गंभीर स्थिति है जिनमें उत्तर प्रदेश के 12, बिहार के 10 और झारखंड, राजस्थान एवं पश्चिम बंगाल के एक-एक स्थान शामिल हैं।

आयोग के अनुसार, 20 अन्य केंद्रों पर सामान्य से अधिक बाढ़ दर्ज की गई है, जिनमें उत्तर प्रदेश के नौ, बिहार के पांच, असम के चार और दिल्ली तथा पश्चिम बंगाल के एक-एक केंद्र शामिल हैं।

सीडब्ल्यूसी ने कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, गुजरात, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश, राजस्थान, ओडिशा, अरुणाचल प्रदेश, झारखंड, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और उत्तराखंड में स्थित कुल 42 बांधों एवं बैराजों के लिए जलप्रवाह पूर्वानुमान जारी किया है।

उत्तर प्रदेश में मथुरा, आगरा, इटावा, कन्नौज और औरैया में यमुना नदी में, जबकि गाज़ीपुर, फतेहपुर, बलिया, बदायूं, कानपुर और वाराणसी में गंगा नदी में गंभीर अथवा सामान्य से अधिक बाढ़ की स्थिति है। अयोध्या और बलिया में घाघरा नदी उफान पर है।

बिहार में पटना, भागलपुर, मुंगेर और सारण में गंगा नदी में, सुपौल और खगड़िया में कोसी नदी में, वैशाली में गंडक नदी में और खगड़िया में बूढ़ी गंडक नदी में बाढ़ की स्थिति गंभीर है।

गुजरात में नर्मदा, तापी, दमनगंगा, माही, साबरमती, अनास, सोम, रेल और बनास सहित कई नदियों में अगले दो-तीन दिनों तक सामान्य से गंभीर बाढ़ की आशंका जताई गई है।

अलर्ट पर रखे गए जिलों में साबरकांठा, बनासकांठा, मेहसाणा, अरावली, महिसागर, अहमदाबाद, गांधीनगर और खेड़ा शामिल हैं। ऊकाई, सरदार सरोवर, मधुबन, कडाना, धरोई और दांतीवाड़ा जल परियोजनाओं में जलस्तर चेतावनी सीमा से ऊपर रहने की आशंका है।

राजस्थान में बांसवाड़ा, डूंगरपुर, उदयपुर और सिरोही जिलों में साबरमती और वेस्ट बनास नदियों में, जबकि चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा और राजसमंद में बनास नदी और उसकी सहायक नदियों में सामान्य से गंभीर बाढ़ की आशंका है।

सोम कमला, माही बजाज सागर, कालीसिंध, राणा प्रताप सागर, जवाहर डैम, बीसलपुर और कोटा बैराज में उच्च जलप्रवाह की चेतावनी दी गई है।

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में फरक्का पर गंगा में बाढ़ की गंभीर स्थिति है, जबकि कूचबिहार में तीस्ता और जलपाईगुड़ी में जलढाका नदी का जलस्तर सामान्य से ऊपर है और बढ़ता ही जा रहा है।

असम में तिनसुकिया में बुरीदिहिंग नदी में बाढ़ की गंभीर स्थिति है, जबकि जोरहाट, शिवसागर, तेजपुर, धुबरी और गोलपाड़ा में ब्रह्मपुत्र तथा उसकी सहायक नदियां जैसे धनसिरी और देसांग का जलस्तर सामान्य से ऊपर है।

उत्तराखंड में टिहरी गढ़वाल में अगलार नदी में बाढ़ की गंभीर स्थिति है, जबकि देहरादून में सोंग और उत्तरकाशी में यमुना का जलस्तर सामान्य से ऊपर है।

मध्य प्रदेश के दमोह और दतिया तथा झारखंड के पलामू और साहिबगंज में भी गंभीर बाढ़ की सूचना है।

कावेरी बेसिन में जलाशयों का जलस्तर अत्यधिक उच्च स्तर पर है और कृष्णराजसागर में 97.7 प्रतिशत, हेमावती में 99.6 प्रतिशत, काबिनी में 99.7 प्रतिशत, हरंगी में 97.8 प्रतिशत और मेट्टूर में 100 प्रतिशत पानी भर चुका है।

केंद्रीय जल आयोग ने कहा कि यदि वर्षा जारी रहती है और जलाशयों से पानी छोड़ा गया, तो निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति और बिगड़ सकती है।

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