दिल्ली के करणदेव मर्डर केस की जांच में खुलासा हुआ है कि हत्याकांड के आरोपी सुष्मिता ने देवर राहुल के इश्क में पड़कर पति को मौत के घाट उतार दिया। दोनों 2 साल से एक दूसरे से प्यार करते थे और शादी करना चाहते थे, लेकिन करणदेव के कारण दोनों साथ नहीं रह पा रहे थे। इसलिए सुष्मिता ने राहुल के साथ मिलकर करणदेव की हत्या करने की साजिश रची। इसके लिए उसने करणदेव को पहले नींद की गोलियां खिलाईं और फिर करंट के झटके देकर मौत की नींद सुला दिया।
13 जुलाई को मृत मिला था करणदेव
बता दें कि गत 13 जुलाई को करणदेव अपने घर में ही मृत अवस्था में मिला था। पुलिस ने जांच की तो हत्या का शक उसकी पत्नी सुष्मिता पर गया, जिसने पुलिस को बयान दिया कि करणदेव को बिजली का करंट लग गया। जब पुलिस ने पूछा कि उसने करण को करंट लगने के बारे में घर में किसी को क्यों नहीं बताया? उसे अस्पताल क्यों नहीं ले गए तो पुलिस को सुष्मिता पर शक हुआ।
पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो हत्या की साजिश का पर्दाफाश हो गया। वारदात में उसका देवर राहुल और ससुर भी शामिल थे। तीनों ने मिलकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। करण के पिता ने पोस्टमार्टम कराने से मना किया तो पुलिस को उसके साजिश में शामिल होने का शक हुआ। राहुल के बारे में सुष्मिता ने बताया कि उससे शादी करने के लिए उसने करणदेव की हत्या की।
प्रॉपर्टी कब्जाने के लिए भी की हत्या
पुलिस पूछताछ में सुष्मिता ने बताया कि वह और राहुल शादी करना चाहते थे और करणदेव की प्रॉपर्टी हड़पना चाहते थे। करणदेव को अपने रास्ते से हटाने के लिए ही उसे पहले नींद की गोलियां खिलाईं। जब वह सो गया तो उसे करंट लगाकर मौत के घाट उतार दिया। करंट इसलिए दिया, ताकि पुलिस को गुमराह कर सकें। पोस्टमार्टम कराने से इसलिए मना किया, ताकि मौत का सच सामने न आए। पुलिस को जांच के दौरान सुष्मिता के मोबाइल में राहुल के साथ चैट मिली, जिससे साजिश का पर्दाफाश हुआ। क्योंकि राहुल को सुष्मिता पल-पल का अपडेट दे रही थी।
