अमरीका के जो बाइडन प्रशासन ने भारत को 3.99 अरब यूएस डॉलर की अनुमानित लागत पर 31 एमक्यू-9बी सशस्त्र ड्रोन की बिक्री को गुरुवार को मंजूरी दे दी। मेगा ड्रोन सौदे की घोषणा पिछले साल जून में पीएम नरेंद्र मोदी की अमरीका की राजकीय यात्रा में हुई थी। प्रस्तावित सौदे के अंतर्गत अमरीका की ओर से भारत को 31 हाई एल्टीट्यूड लॉन्ग एंड्यूरेंस (हॉल) यूएवी मिलेंगे, जिनमें से नौसेना को 15 सीगार्जियन ड्रोन मिलेंगे, जबकि सेना और वायु सेना को आठ-आठ ग्राउंड वर्जन स्काईगार्डियन ड्रोन मिलेंगे।
अमरीकी रक्षा सुरक्षा सहयोग एजेंसी ने एक बयान में कहा कि एमक्यू-9बी रिमोटली ड्रोन और संबंधित उपकरणों की भारत सरकार को संभावित विदेशी सैन्य बिक्री को मंजूरी देने का निर्णय लिया गया है। अमरीकी संसद को इस बारे में सूचित करते हुए आवश्यक प्रमाणीकरण दे दिया गया है। माना जा रहा है कि बहुत जल्द अमरीकी कांग्रेस की ओर से नोटिफिकेशन जारी किया जाकर भारत सरकार को सूचित कर दिया जाएगा।
एमक्यू-9बी ड्रोन हवा में 35 घंटे तक लगातार उड़ान भर सकता है और 40 हजार फुट की ऊंचाई तक ऑपरेट किया जा सकता है। यह वजनी बमों-मिसाइलों को लेकर भी उड़ान भर सकता है। इससे मानवरहित निगरानी और टोही गश्त को और बढ़ाया जा सकेगा। नौसेना पहले से ही तमिलनाडु के राजली एयरबेस से 2 प्रीडेटर ड्रोन ऑपरेट कर रही है, जिन्हें अमरीका से लीज पर लिया गया है।
