केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि दिसंबर 2025 में देशभर में दवाओं के 167 नमूनों को ‘‘मानक गुणवत्ता का नहीं” (एनएसक्यू) होने के रूप में चिह्नित किया गया। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) के दवाओं संबंधी मासिक अलर्ट में कहा गया कि केंद्रीय औषधि प्रयोगशालाओं ने विभिन्न कंपनियों द्वारा निर्मित 74 नमूनों को एनएसक्यू पाया, जबकि राज्य औषधि परीक्षण प्रयोगशालाओं ने 93 नमूनों को निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरा नहीं उतरने वाला बताया।

एनएसक्यू और नकली दवाओं की सूची को नियामकीय निगरानी की नियमित गतिविधि के तहत हर महीने सीडीएससीओ पोर्टल पर उपलब्ध कराया जाता है। बयान में कहा गया, ‘‘दिसंबर 2025 के लिए केंद्रीय औषधि प्रयोगशालाओं ने 74 दवा नमूनों और राज्य औषधि परीक्षण प्रयोगशालाओं ने 93 दवा नमूनों को एनएसक्यू के रूप में चिह्नित किया है।”

बयान के अनुसार, किसी दवा के नमूने के एक या अधिक निर्दिष्ट गुणवत्ता मानकों पर असफल होने के आधार पर उसे एनएसक्यू के रूप में चिह्नित किया जाता है। इस बीच, दिसंबर में उत्तर क्षेत्र (गाजियाबाद) से चार दवा नमूनों तथा खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) अहमदाबाद, बिहार और महाराष्ट्र से एक-एक नमूने को नकली पाया गया। ये अन्य कंपनियों के स्वामित्व वाले ब्रांड नामों का इस्तेमाल कर अनधिकृत इकाइयों द्वारा निर्मित किए गए थे।

बयान में कहा गया कि मामले की जांच की जा रही है और कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। मंत्रालय ने कहा कि एनएसक्यू और नकली दवाओं की पहचान करने की यह कार्रवाई राज्य नियामकों के साथ मिलकर नियमित रूप से की जाती है ताकि इन दवाओं की पहचान कर उन्हें बाजार से हटाया जा सके।

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