राष्ट्रीय राजधानी के कई हिस्सों में तेज़ बारिश हो रही है। जिससे कई इलाकों में जलभराव हो गया तथा यातायात जाम हो गया। दिल्ली में 29 जून को पहुंचे मानसून में अब तक जितनी बारिश हुई है, वह सामान्य बारिश से करीब आठ प्रतिशत ज़्यादा है। दिल्ली-एनसीआर के निवासियों की बुधवार को सुबह फिर से बारिश हुई। मौसम विभाग ने पूरे सप्ताह राष्ट्रीय राजधानी में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान जताया है। आईएमडी ने उत्तर-पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी दिल्ली में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है।

दिल्ली-NCR में सुबह से हो रही तेज बारिश से मौसम हुआ सुहाना

मंगलवार को घंटों हुई मूसलाधार बारिश के बाद हुई इस ताज़ा बारिश से राष्ट्रीय राजधानी के कई हिस्सों में पानी भर गया। इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय (आईजीआई) हवाई अड्डे के पास का इलाका भी भारी बारिश से प्रभावित रहा। हालाँकि, उड़ानों के संचालन में किसी तरह की बाधा की सूचना नहीं है। दक्षिणी दिल्ली, आईटीओ और महरौली-गुड़गांव रोड सहित कई इलाकों में यातायात जाम की सूचना मिली।

सड़कों पर लंबा ट्रैफिक जाम

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) की नवीनतम सलाह में कहा गया है कि पूरे दिल्ली और एनसीआर में मध्यम से भारी बारिश, हल्की गरज के साथ छींटे और 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएँ चलने की संभावना है। हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी दिन भर हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है।

मौसम विभाग ने कहा कि लगातार बारिश के कारण सड़कों पर पानी भर सकता है, निचले इलाकों में जलभराव हो सकता है और अंडरपास बंद हो सकते हैं। विभाग ने कच्चे घरों और झोपड़ियों को मामूली नुकसान की भी चेतावनी दी है। हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से पानी का बहाव इस मानसून में पहली बार 50,000 क्यूसेक के स्तर को पार कर गया है, जिससे दिल्ली की चिंताएँ बढ़ गई हैं। इससे राष्ट्रीय राजधानी में यमुना का जलस्तर बढ़ सकता है। आज की मूसलाधार बारिश से पहले, दिल्ली में 136.3 मिमी बारिश दर्ज की गई थी। जुलाई में शहर में आमतौर पर 209.7 मिमी बारिश होती है।

दिल्ली में बारिश और कांवड़ यात्रा के चलते यातायात बाधित

राष्ट्रीय राजधानी में भारी बारिश और कांवड़ियों की भीड़ के कारण मंगलवार को यातायात लगभग ठप हो गया, जिससे कई यात्री घंटों तक फंसे रहे। सुबह के समय भारी बारिश के कारण कई प्रमुख सड़कें जलमग्न हो गईं। वहीं, पैदल चल रहे तीर्थयात्रियों के कारण कई मुख्य मार्ग अवरुद्ध हो गए। कई जगहों पर सड़कों पर हाल ही में बिछाई गई डामर की परत बारिश के कारण उखड़ गई, जिससे गड्ढे उभर आए और यातायात और धीमा हो गया।  आईटीओ, ओल्ड रोहतक रोड, दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-आठ), महरौली-बदरपुर रोड, महरौली-गुरुग्राम रोड, पीरागढ़ी से आईएसबीटी, मधुबन चौक, दिल्ली-गाजियाबाद और राष्ट्रीय राजमार्ग-9 पर कई घंटों तक भारी जाम की स्थिति रही। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), सफदरजंग अस्पताल और आश्रम क्षेत्र की ओर जाने वाली सड़कों सहित दक्षिणी दिल्ली की कई सड़कों पर यातायात दोपहर और शाम के समय में बाधित हुआ। 

यात्री घंटों फंसे रहे

महरौली-बदरपुर मार्ग सबसे अधिक प्रभावित रहा, जहां दोपहर तक यातायात बाधित रहा। बड़ी संख्या में कांवड़िये पहले से ही जलमग्न सड़कों के किनारे चलते देखे गए। नांगलोई से नजफगढ़ की ओर और आनंद विहार के पास, सड़कों के किनारे कई कांवड़ शिविर लगे हुए थे, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया। 

तीर्थयात्रियों के लिए रास्ता बनाने के वास्ते शहर के कई हिस्सों में वाहनों का मार्ग परिवर्तित किया गया, लेकिन वास्तविक समय पर जानकारी नहीं मिलने और यातायात पुलिस की मौजूदगी न होने के कारण वाहन चालक असमंजस में और असहाय रहे। एक यात्री ने कहा, ‘‘मैं सुबह आठ बजे दिल्ली से गुरुग्राम के लिए निकला, हवाई अड्डे के पास घंटों जाम में फंसा रहा। भीषण जाम था। दो घंटे में सिर्फ 18 किलोमीटर ही दूरी तय कर पाया।’’ सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक अन्य उपयोगकर्ता ने कहा, ‘‘मुझे गुरुग्राम-दिल्ली मार्ग पर 30 किलोमीटर की दूरी तय करने में दो घंटे लग गए।

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