उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना के निर्देश के बाद दिल्ली में एक से 28 अगस्त के बीच लगभग 1,700 गैर-पंजीकृत ई-रिक्शों को जब्त करके कबाड़ गोदामों को भेज दिया गया है।
सक्सेना ने दिल्ली सरकार को इन रिक्शों के “अवैध संचालन” पर अंकुश लगाने का निर्देश दिया था। दिल्ली को भीड़भाड़ मुक्त बनाने के लिए आठ अगस्त को उपराज्यपाल की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक के दौरान परिवहन विभाग को गैर-पंजीकृत रिक्शों को जब्त करने का निर्देश दिया गया था।
बीते कुछ वर्षों में, बैटरी चालित इन रिक्शों की सड़कों पर भरमार देखी गई है। अधिकारियों ने कहा कि आउटर रिंग रोड और इनर रिंग रोड पर ई-रिक्शों को जब्त करने के लिए 39 टीम तैनात की गई थीं। सक्सेना के निर्देश के बाद ऐसे वाहनों को जब्त करने के मामलों में तेज वृद्धि हुई है।
इन वाहनों को जब्त करके ‘रोड रोलर्स’ या उत्खनन मशीनों का उपयोग करके कुचल दिया जाता है और पंजीकृत कबाड़ गोदामों को सौंप दिया जाता है। परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार जनवरी से मार्च के बीच केवल 134 ई-रिक्शा जब्त किए गए। अप्रैल से जुलाई के दौरान यह संख्या बढ़कर 732 रही थी। हालांकि, आंकड़ों के अनुसार 1 से 28 अगस्त के बीच 1,777 ई-रिक्शा जब्त किए गए।